हर साल भड़लिया (भड़रिया) नवमी को विवाह और अन्य मांगलिक कार्यों के लिए सबसे शुभ और अबूझ मुहूर्त माना जाता है। लेकिन 2026 में स्थिति अलग है। इस बार भड़लिया नवमी पर शादी के मुहूर्त नहीं बन रहे हैं, जिससे कई परिवारों को अपने विवाह समारोह आगे बढ़ाने पड़े। अब सवाल यह है कि शादियों का सीजन दोबारा कब शुरू होगा? नवंबर और दिसंबर में कितने शुभ मुहूर्त हैं? अगर आप भी 2026 में शादी की तारीख तय करने की तैयारी कर रहे हैं, तो यहां आपको पूरी जानकारी मिलेगी।
भड़लिया नवमी क्या होती है?
भड़लिया नवमी (भड़रिया नवमी) हिंदू पंचांग में एक ऐसा दिन माना जाता है जिसे अबूझ मुहूर्त की श्रेणी में रखा जाता है। मान्यता है कि इस दिन बिना अलग से शुभ मुहूर्त निकाले भी विवाह, गृह प्रवेश और अन्य मांगलिक कार्य किए जा सकते हैं। इसी कारण हर वर्ष बड़ी संख्या में विवाह इसी दिन संपन्न होते हैं।
इस बार भड़लिया नवमी पर शादी क्यों नहीं होगी?
2026 में भड़लिया नवमी होने के बावजूद विवाह के शुभ योग नहीं बन रहे हैं। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार-
20 जुलाई से गुरु (बृहस्पति) अस्त हैं।
गुरु के अस्त रहने की अवधि में विवाह सहित कई शुभ मांगलिक कार्य वर्जित माने जाते हैं।
इसके बाद देवशयनी एकादशी से चातुर्मास प्रारंभ होने के कारण भी विवाह नहीं किए जाते।
आगे धनु संक्रांति (धनुर्मास) के दौरान भी कई परंपराओं में विवाह नहीं होते।
इन्हीं कारणों से इस बार विवाह का लंबा विराम देखने को मिलेगा।
गुरु अस्त का विवाह पर क्या प्रभाव पड़ता है?
ज्योतिष शास्त्र में गुरु को विवाह, संतान, धर्म और शुभ कार्यों का कारक ग्रह माना गया है। जब गुरु अस्त होते हैं तो परंपरागत मान्यताओं के अनुसार-
विवाह
गृह प्रवेश
उपनयन
मुंडन
अन्य मांगलिक संस्कार जैसे कार्य करने से परहेज किया जाता है।
ध्यान दें: अलग-अलग परंपराओं और स्थानीय पंचांगों में नियमों में कुछ अंतर हो सकता है। अंतिम तिथि तय करने से पहले अपने पुरोहित या स्थानीय पंचांग से पुष्टि करना उचित रहता है।
📅 नवंबर 2026 के विवाह मुहूर्त
| महीना | शुभ विवाह तिथियां |
|---|---|
| नवंबर | 20, 21, 22, 25, 26 |
📅 दिसंबर 2026 के विवाह मुहूर्त
| महीना | शुभ विवाह तिथियां |
|---|---|
| दिसंबर | 2, 3, 5, 11, 12 |
भड़लिया नवमी पर क्या करें?
भले ही इस वर्ष विवाह मुहूर्त नहीं बन रहे हों, लेकिन धार्मिक दृष्टि से इस दिन का महत्व कम नहीं होता। इस दिन श्रद्धालु-
भगवान विष्णु और भगवान शिव की पूजा करते हैं।
कुलदेवी एवं ग्राम देवता की आराधना करते हैं।
दान-पुण्य करते हैं।
परिवार की सुख-समृद्धि और मंगल की कामना करते हैं।
जरूरतमंदों को अन्न, वस्त्र या अन्य वस्तुओं का दान देते हैं।
क्या नवंबर के बाद फिर विवाह शुरू हो जाएंगे?
हां, उपलब्ध पंचांग के अनुसार नवंबर के उत्तरार्ध से विवाह के शुभ मुहूर्त दोबारा शुरू होंगे। इसके बाद नवंबर और दिसंबर में कई शुभ तिथियां उपलब्ध रहेंगी, जिन पर विवाह समारोह आयोजित किए जा सकते हैं।