खेल डेस्क : कई अनिश्चितताओं और वित्तीय चुनौतियों के बाद आखिरकार ग्लासगो राष्ट्रमंडल खेल (Commonwealth Games) की शुरुआत होने जा रही है। पहले इन खेलों की मेज़बानी ऑस्ट्रेलिया के विक्टोरिया राज्य को मिली थी, लेकिन अत्यधिक खर्च का हवाला देते हुए ऑस्ट्रेलिया ने एन वक्त पर हाथ खींच लिए थे। इसके बाद गंतव्य बदलकर ग्लासगो को चुना गया और प्रतियोगिता को रद्द होने से बचा लिया गया।हालाँकि, इस बार का राष्ट्रमंडल खेल बर्मिंघम 2022 की तुलना में लगभग 60% कम बजट में आयोजित किया जा रहा है।
भारत के 'मेडल बैंक' खेलों को किया गया बाहर
बजट में हुई भारी कटौती का सबसे बड़ा झटका भारतीय दल को लगा है। लागत कम करने के चक्कर में आयोजकों ने कुश्ती (Wrestling), हॉकी (Hockey), टेबल टेनिस (Table Tennis), बैडमिंटन (Badminton) और शूटिंग (Shooting) जैसे प्रमुख खेलों को इस बार सूची से बाहर कर दिया है।उल्लेखनीय है कि 2022 बर्मिंघम राष्ट्रमंडल खेलों में भारत ने कुल 61 पदक जीते थे, जिनमें से अधिकांश पदक इन्हीं खेलों से आए थे। ऐसे में इस बार भारत के लिए अपनी पुरानी लय बरकरार रखना एक बेहद कठिन चुनौती होगी।
नीरज चोपड़ा के सामने अर्शद नदीम और थरांगा की चुनौती
अब भारत की पदक तालिका का दारोमदार मुख्य रूप से बॉक्सिंग, एथलेटिक्स और वेटलिफ्टिंग पर आ टिका है।जैवलिन थ्रो: टोक्यो ओलंपिक के स्वर्ण पदक विजेता नीरज चोपड़ा पुरुषों के भाला फेंक में भारत की सबसे बड़ी उम्मीद हैं। हालाँकि, उनके लिए राह आसान नहीं होगी। पेरिस ओलंपिक में उन्हें पछाड़कर स्वर्ण जीतने वाले पाकिस्तान के अर्शद नदीम और हाल ही में दोहा डायमंड लीग में 92.62 मीटर का थ्रो करने वाले श्रीलंका के रुमेश थरांगा से उन्हें कड़ी टक्कर मिलेगी।एथलेटिक्स दल: नीरज के अलावा हाई जम्पर सर्वेश कुशारे, लॉन्ग जम्पर मुरली श्रीशंकर और ट्रिपल जम्पर प्रवीण चित्रावेल से भी मेडल की उम्मीदें हैं। साथ ही 4x400 मीटर रिले टीम (पुरुष व महिला) पर भी निगाहें रहेंगी। पिछले खेलों में एथलेटिक्स से 8 पदक मिले थे।

- खेल स्पर्धा भारत के प्रमुख दावेदार मुख्य चुनौती / स्थिति
- जैवलिन थ्रो नीरज चोपड़ा अर्शद नदीम (पाकिस्तान), रुमेश थरांगा (श्रीलंका)
- वेटलिफ्टिंग मीराबाई चानू (49 किग्रा) हैट्रिक गोल्ड की तलाश, हालिया फॉर्म व डोपिंग विवाद के बाद 11 सदस्यीय दल
- जंपिंग इवेंट्स मुरली श्रीशंकर, प्रवीण चित्रावेल बर्मिंघम 2022 का प्रदर्शन दोहराने का दबाव
वेटलिफ्टिंग में मीराबाई चानू से 'हैट्रिक' की उम्मीद
भारोत्तोलन (Weightlifting) में ओलंपिक रजत पदक विजेता मीराबाई चानू पर सभी की नजरें रहेंगी। 31 वर्षीय चानू के पास राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदकों की हैट्रिक लगाने का मौका है। यद्यपि वह हाल के दिनों में अपनी सर्वश्रेष्ठ लय में नहीं दिखी हैं, फिर भी बड़े मंचों पर उनका रिकॉर्ड शानदार रहा है।दूसरी ओर, डोपिंग विवादों के चलते इस बार भारतीय वेटलिफ्टिंग टीम का आकार घटाकर 11 सदस्यों का कर दिया गया है, जिससे इस खेल में भी कुल संभावित पदकों की संख्या सीमित हो गई है।