नई दिल्ली - भारतीय क्रिकेट के युवा सनसनी वैभव सूर्यवंशी ने बेहद कम उम्र में क्रिकेट की दुनिया में अपनी अलग पहचान बना ली है। IPL में रिकॉर्डतोड़ प्रदर्शन से लेकर अंडर-19 विश्व कप और सीनियर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट तक पहुंचने वाले वैभव का सफर तेजी से आगे बढ़ रहा है। हालांकि, भारतीय क्रिकेट के दिग्गज और पूर्व कोच राहुल द्रविड़ का मानना है कि वैभव को अपने शानदार सफेद गेंद के प्रदर्शन के साथ रेड-बॉल क्रिकेट पर भी गंभीरता से ध्यान देना चाहिए।
द्रविड़ ने कहा है कि वैभव अभी सिर्फ 15 साल के हैं और उनके सामने पूरा करियर पड़ा है। इसलिए उन्हें तीनों फॉर्मेट में खुद को विकसित करने के लिए पर्याप्त समय और अनुभव दिया जाना चाहिए। द्रविड़ के मुताबिक, टेस्ट क्रिकेट के लिए मजबूत आधार तैयार करने के लिए वैभव को ज्यादा रेड-बॉल क्रिकेट खेलने की जरूरत है।
IPL में मचा चुके हैं तहलका
वैभव ने IPL में राजस्थान रॉयल्स के लिए खेलते हुए कम उम्र में ही अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी का परिचय दिया। उन्होंने 2025 में IPL डेब्यू किया था। 2026 सीजन में उन्होंने 16 मैचों में 776 रन बनाए और उनका स्ट्राइक रेट 237.30 रहा। इस दौरान उन्होंने एक शतक और पांच अर्धशतक लगाए। उनके बल्ले से 72 छक्के निकले, जो एक IPL सीजन में किसी बल्लेबाज द्वारा लगाए गए सर्वाधिक छक्के हैं। इस शानदार प्रदर्शन के लिए उन्हें ऑरेंज कैप और MVP अवॉर्ड भी मिला।
2026 सीजन में उनका सबसे यादगार प्रदर्शन सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ रहा, जब उन्होंने महज 36 गेंदों में शतक जड़ दिया। IPL करियर में अब तक वैभव 23 मैचों में 1,028 रन बना चुके हैं, जिसमें दो शतक और छह अर्धशतक शामिल हैं।
अंडर-19 क्रिकेट में भी शानदार रिकॉर्ड
वैभव का अंतरराष्ट्रीय सफर अंडर-19 स्तर से शुरू हुआ। उन्होंने ऑस्ट्रेलिया अंडर-19 के खिलाफ यूथ टेस्ट डेब्यू पर तेज शतक लगाकर सुर्खियां बटोरी थीं। 2026 अंडर-19 विश्व कप में उन्होंने शानदार प्रदर्शन किया और पूरे टूर्नामेंट में 439 रन बनाए। इंग्लैंड के खिलाफ फाइनल में वैभव ने सिर्फ 80 गेंदों पर 175 रन की तूफानी पारी खेली, जिसमें 15 चौके और 15 छक्के शामिल थे। भारत ने यह मुकाबला 100 रन से जीता और वैभव को प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट चुना गया।
सीनियर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में भी एंट्री
इसके बाद वैभव ने भारत की सीनियर टीम का दरवाजा खटखटाया। जुलाई 2026 में उन्होंने जिम्बाब्वे के खिलाफ टी20 सीरीज में शानदार प्रदर्शन किया और प्लेयर ऑफ द सीरीज का पुरस्कार हासिल किया। उन्होंने सीरीज में दो अर्धशतक लगाए, जिसमें एक मुकाबले में 18 गेंदों में अर्धशतक भी शामिल रहा।
द्रविड़ क्यों चाहते हैं रेड-बॉल क्रिकेट?
राहुल द्रविड़ की सलाह के पीछे सबसे बड़ी वजह वैभव की उम्र और उनका तेजी से बढ़ता करियर है। टी20 क्रिकेट में आक्रामक बल्लेबाजी उनकी ताकत है, लेकिन टेस्ट क्रिकेट में बल्लेबाज को लंबे समय तक क्रीज पर टिकना, गेंद को छोड़ना, स्विंग और सीम का सामना करना तथा अलग-अलग परिस्थितियों में धैर्य बनाए रखना पड़ता है।
वैभव ने सफेद गेंद के क्रिकेट में अपनी प्रतिभा साबित कर दी है, लेकिन रेड-बॉल क्रिकेट उनके खेल की तकनीकी और मानसिक मजबूती को और बेहतर कर सकता है। यही वजह है कि द्रविड़ चाहते हैं कि उन्हें IPL के साथ-साथ घरेलू रेड-बॉल क्रिकेट में भी पर्याप्त मौके मिलें।
लक्ष्य तीनों फॉर्मेट में जगह बनाना
वैभव पहले ही कह चुके हैं कि वह भारत के लिए तीनों फॉर्मेट में खेलना चाहते हैं। ऐसे में द्रविड़ की सलाह उनके करियर के अगले चरण के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। अगर वैभव शुरुआती सफलता के दबाव से बचते हुए तकनीक, फिटनेस, धैर्य और रेड-बॉल क्रिकेट पर काम करते हैं, तो आने वाले वर्षों में वह भारतीय क्रिकेट के लिए तीनों फॉर्मेट के महत्वपूर्ण बल्लेबाज बन सकते हैं। फिलहाल उनकी कहानी सिर्फ रिकॉर्ड और छक्कों की नहीं, बल्कि एक ऐसे युवा खिलाड़ी के विकास की है जिसे भारतीय क्रिकेट लंबे समय के लिए तैयार करना चाहता है।