लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने राज्य में अल नीनो के संभावित प्रभाव को देखते हुए खाद्यान्न सुरक्षा, कृषि प्रसंस्करण और भविष्य की डिजिटल अर्थव्यवस्था से जुड़े बड़े प्रोजेक्ट्स की उच्च स्तरीय समीक्षा की। बैठक में यूपी डाटा सेंटर क्लस्टर, प्रोजेक्ट गंगा और गेहूं के इन-हाउस प्रसंस्करण पर विस्तार से चर्चा हुई।
अल नीनो को लेकर खाद्यान्न सुरक्षा पर फोकस
मुख्यमंत्री ने वैश्विक जलवायु पैटर्न El Niño के संभावित असर को देखते हुए राज्य में खाद्यान्न भंडार मजबूत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में फसलों पर मौसम का प्रभाव पड़ सकता है, इसलिए प्रदेश को अभी से तैयारी करनी होगी।
यूपी डाटा सेंटर क्लस्टर: AI आधारित भविष्य की योजना
बैठक में यूपी डाटा सेंटर क्लस्टर को राज्य को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर और हाई-टेक मैन्युफैक्चरिंग का वैश्विक केंद्र बनाने की दीर्घकालिक रणनीति बताया गया। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि इस परियोजना को एनसीआर तक सीमित न रखकर बुंदेलखंड सहित अन्य क्षेत्रों में भी विस्तारित किया जाए और लखनऊ को “एआई सिटी” के रूप में विकसित किया जाए।
प्रोजेक्ट गंगा से ग्रामीण डिजिटल क्रांति
“प्रोजेक्ट गंगा” के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में हाई-स्पीड ब्रॉडबैंड, डिजिटल शिक्षा, टेलीमेडिसिन, ई-गवर्नेंस और डिजिटल रोजगार को बढ़ावा देने की योजना पर चर्चा हुई। सरकार का लक्ष्य हजारों डिजिटल उद्यमियों को तैयार कर ग्रामीण भारत में तकनीकी क्रांति लाना है।
गेहूं प्रसंस्करण और मंडी सुधार पर जोर
मुख्यमंत्री ने गेहूं के इन-हाउस प्रसंस्करण को बढ़ावा देने और मंडी व्यवस्था में सुधार पर बल दिया। उन्होंने कहा कि राज्य में ही गेहूं का मूल्य संवर्धन बढ़ाने से रोजगार, राजस्व और उद्योगों का विस्तार होगा और किसानों को सीधा लाभ मिलेगा।
यूपी की आर्थिक और तकनीकी क्षमता पर चर्चा
बैठक में बताया गया कि उत्तर प्रदेश अपनी भौगोलिक स्थिति, विशाल युवा आबादी, मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर और तकनीकी संस्थानों के कारण एआई और डिजिटल उद्योगों का बड़ा केंद्र बन सकता है। राज्य को “एशिया का सुरक्षित और स्केलेबल एआई टेरिटरी” बताया गया।