चमोली जिले के थराली विकासखंड में थराली–सूना पेनगढ़ मोटर मार्ग पर प्रस्तावित वैली ब्रिज निर्माण को लेकर ग्रामीणों में भारी नाराजगी देखने को मिली। ग्रामीण उपजिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे और उपजिलाधिकारी के माध्यम से जिलाधिकारी को ज्ञापन भेजा लोक निर्माण विभाग पर गंभीर आरोप लगाए। ग्रामीणों का कहना है कि पिछले चार वर्षों से प्राणमती नदी पर पुल निर्माण की मांग की जा रही है लेकिन विभाग की लापरवाही के चलते पुल का कार्य पूरा नहीं हो पाया।
लोगों को आवाजाही में भारी दिक्कत
ग्रामीणों ने कहा कि बरसात के दौरान क्षेत्र के लोगों को आवाजाही में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। स्कूली बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होती है और लोगों को जान जोखिम में डालकर नदी पार करनी पड़ती है। इसके बावजूद विभाग समस्या के समाधान को लेकर गंभीर नजर नहीं आ रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि पीडब्ल्यूडी विभाग लगातार यह कहकर जनता को गुमराह करता रहा कि एक महिला द्वारा भूमि विवाद किए जाने के कारण पुल निर्माण कार्य रुका हुआ है। जबकि उपजिलाधिकारी द्वारा मौके पर संयुक्त टीम भेजे जाने के बाद सामने आया कि संबंधित महिला को अब तक मुआवजा ही नहीं दिया गया था।
लंबे समय से विभाग से न्याय की मांग
महिला का कहना है कि जिस भूमि पर वैली ब्रिज का निर्माण किया जा रहा है वह उसका पैतृक खेत है। विभाग ने बिना जानकारी दिए कार्य शुरू कर दिया और अन्य लोगों का मुआवजा बना दिया गया लेकिन उसका मुआवजा अब तक नहीं बनाया गया। महिला लंबे समय से विभाग से न्याय की मांग कर रही है लेकिन उसकी सुनवाई नहीं हुई। फिलहाल वैली ब्रिज के स्पान और गर्डर तैयार बताए जा रहे हैं लेकिन भूमि मुआवजा विवाद के चलते निर्माण कार्य आगे नहीं बढ़ पा रहा है। ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द समाधान निकालने और संबंधित महिला को उचित मुआवजा देने की मांग की है।