रामचन्द्र उनियाल राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में छात्र निधि एवं कॉर्पस फंड की धनराशि को लेकर बनी स्थिति पर छात्रसंघ गहरी नाराज़गी व्यक्त की है छात्रसंघ का गुस्सा फूटा और प्राचार्य एवं महाविद्यालय प्रशासन को आड़े हाथ लेते हुए प्राचार्य कार्यालय में ताला बंदी कर प्राचार्य को अन्दर बन्द कर दिया और नियमो का स्पष्ट उल्लेख दिखाने को कहा छात्रों का आरोप है कि लंबे समय से बजट व्यय के विषय में नियमों का हवाला देकर प्रक्रिया को टाला जाता रहा जबकि उपलब्ध नियमों का अध्ययन स्पष्ट रूप से दर्शाता है कि कहीं भी छात्र निधि की धनराशि को खर्च करने से रोकने का प्रावधान नहीं है
उच्च शिक्षा निदेशक के खाते में स्थानांतरित
नियमों के अनुसार प्रत्येक वित्तीय वर्ष में जो राशि अव्ययित रह जाती है उसका 50 प्रतिशत 31 मार्च के पश्चात उच्च शिक्षा निदेशक के खाते में स्थानांतरित किया जाता है तथा शेष 50 प्रतिशत महाविद्यालय स्तर पर रहता है। इसका अर्थ यह है कि यदि धनराशि समय रहते नियमानुसार खर्च कर दी जाए तो वह अव्ययित ही नहीं रहेगी और शासन को स्थानांतरित होने की नौबत नहीं आएगी। नियम व्यय को नियंत्रित और पारदर्शी बनाने की बात करते हैं व्यय को रोकने की नहीं।
प्राचार्य एवं परचेजिंग कमेटी के नियंत्रण में रहते हुए उत्तराखंड वित्तीय हस्तपुस्तिका तथा प्रोक्योरमेंट नियम 2017 के अनुसार खर्च किया जाना निर्धारित है। निगरानी उच्च शिक्षा निदेशालय द्वारा की जानी है। स्पष्ट है कि नियम प्रक्रिया बताते हैं प्रतिबंध नहीं।
विगत वर्षों में लाखों रुपये अव्ययित रहे और उनका 50 प्रतिशत शासन को प्रेषित होता रहा। लगभग 5 वर्षों में डेढ़ करोड़ लगभग धनराशि शासन को वापस भेजी गई है। यह स्थिति तब उत्पन्न होती है जब समय पर कार्ययोजना स्वीकृति और व्यय प्रक्रिया प्रारंभ नहीं की जाती। प्रश्न यह है कि जब नियम व्यय की अनुमति देते हैं तो धनराशि समय पर खर्च क्यों नहीं की गई वर्तमान एवं पूर्व सत्र की शेष धनराशि के लिए समयबद्ध एवं लिखित कार्ययोजना जारी की जाए समिति की बैठक नियमित हो प्राक्कलन स्वीकृति एवं कार्यादेश पारदर्शी रूप से सार्वजनिक किए जाएं तथा 31 मार्च से पूर्व समस्त व्यय प्रक्रिया पूर्ण कर छात्रहित में बजट का उपयोग सुनिश्चित किया जाए।
छात्र निधि छात्रों से ली गई है और उसका उपयोग पुस्तकालय खेल प्रयोगशाला परिसर विकास एवं अन्य छात्र सुविधाओं के लिए होना चाहिए। नियमों की गलत व्याख्या कर व्यय टालना छात्रहित में नहीं है यदि शीघ्र स्पष्ट कार्यवाही नहीं की गई तो छात्रसंघ कल से बडा आन्दोलन करेगा
बही प्राचार्य का कहना है कि वह किसी भी हालत में नियमों के खिलाफ नहीं जायेंगे फंड को खर्च करने के लिए जो भी शासन की गाईड लाईन है उसी का पालन किया जाये वहीं पुलिस की मोजूदगी में छात्रों ने कुछ समय के लिए प्राचार्य कार्यालय के ताले खोल दिए हैं
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