बालुरघाट: बालुरघाट जिला अस्पताल को मेडिकल कॉलेज में तब्दील किया जाएगा। इसके लिए आवश्यक आधारभूत संरचना का निरीक्षण करने राज्य की विशेष निरीक्षण टीम बालुरघाट पहुंची। वेस्ट बंगाल मेडिकल सर्विस कॉर्पोरेशन लिमिटेड के अधिकारी, इलेक्ट्रिकल और सिविल इंजीनियरों ने जिला अस्पताल के विभिन्न हिस्सों का गहन निरीक्षण किया। राज्य टीम के साथ दक्षिण दिनाजपुर जिला स्वास्थ्य विभाग और लोक निर्माण विभाग के इंजीनियर भी मौजूद थे। इस निरीक्षण के बाद मेडिकल कॉलेज के लिए डीपीआर (DPR) तैयार किया जाएगा।
अस्पताल परिसर का विस्तृत निरीक्षण
अस्पताल सूत्रों के अनुसार, निरीक्षण के बाद राज्य टीम ने जिले के सभी अधिकारियों के साथ एक बैठक भी की। केंद्रीय मंत्री सुकांत मजूमदार ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से इस बैठक में भाग लिया। अस्पताल परिसर में कुल 33.7 एकड़ जमीन उपलब्ध है, जहां पहले से ही कई भवन मौजूद हैं। अब नए मेडिकल कॉलेज के लिए कौन-कौन से भवन कहां बनाए जाएंगे, इसका भी विस्तृत आकलन किया गया।
डीपीआर तैयार करने की प्रक्रिया तेज
जिलाधिकारी बाला सुब्रहमण्यम टी ने बताया कि राज्य की ओर से वेस्ट बंगाल मेडिकल सर्विस कॉर्पोरेशन लिमिटेड के अधिकारी और इंजीनियर निरीक्षण के लिए आए थे। उनके साथ जिले के स्वास्थ्य, प्रशासन और लोक निर्माण विभाग के इंजीनियर भी मौजूद थे। इस निरीक्षण के बाद डीपीआर तैयार किया जाएगा।
वीडियो कॉन्फ्रेंस से जुड़े सुकांत मजूमदार
केंद्रीय मंत्री सुकांत मजूमदार ने कहा कि वे विशेष कार्य से जिले से बाहर हैं, इसलिए वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए बैठक में शामिल हुए। उन्होंने बताया कि राज्य टीम ने अस्पताल का निरीक्षण कर यह तय किया कि कौन सा भवन कहाँ बनेगा। जल्द ही डीपीआर तैयार कर मेडिकल कॉलेज का कार्य शुरू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह लंबे समय से किया गया वादा है और अब जिलेवासियों का सपना पूरा होने जा रहा है।
नए ढांचे और सुविधाओं की योजना
सूत्रों के मुताबिक, जिला अस्पताल में पहले से ही कई नए ढांचे विकसित किए जा चुके हैं। मेडिकल कॉलेज के लिए कुछ नए भवनों का निर्माण किया जाएगा, जबकि कई पुराने भवनों का भी उपयोग किया जाएगा। इसके अलावा अस्पताल में हाल ही में हार्ट उपचार के लिए 50 बेड का सीसीयू ब्लॉक बनाने की घोषणा की गई है। मेडिकल कॉलेज बनने के बाद इस भवन का भी उपयोग किया जाएगा। साथ ही छात्रों के लिए पढ़ाई की व्यवस्था और हॉस्टल भी बनाया जाएगा।