कोलकाता: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव को लेकर सुरक्षा व्यवस्था इस बार पहले से कहीं ज्यादा सख्त नजर आ रही है। चुनाव आयोग ने संवेदनशील इलाकों में किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए खास इंतजाम किए हैं। इसी कड़ी में जम्मू-कश्मीर से मंगाई गई बुलेटप्रूफ गाड़ियों ने दक्षिण कोलकाता के भवानीपुर इलाके में रूट मार्च किया, जिससे इलाके में सुरक्षा का मजबूत संदेश गया।
क्यों खास हैं ये बुलेटप्रूफ वाहन?
चुनाव आयोग के मुताबिक, इन अत्याधुनिक गाड़ियों का इस्तेमाल मतदान के दौरान किसी भी आपात स्थिति—जैसे फायरिंग, पथराव या बम धमाके—से निपटने के लिए किया जाएगा। इन वाहनों में एक साथ करीब आठ प्रशिक्षित कमांडो तैनात रह सकते हैं, जो आधुनिक हथियारों से लैस होते हैं।
इसके अलावा, इन गाड़ियों में धुआं छोड़ने की विशेष तकनीक भी मौजूद है, जिससे जरूरत पड़ने पर भीड़ को नियंत्रित किया जा सके। VIP सुरक्षा और रेस्क्यू ऑपरेशन में भी इनका इस्तेमाल किया जाएगा।
लोगों के लिए बना आकर्षण का केंद्र
भवानीपुर की सड़कों पर जैसे ही ये बुलेटप्रूफ गाड़ियां उतरीं, लोगों की भीड़ इन्हें देखने के लिए उमड़ पड़ी। कई स्थानीय लोगों ने उत्सुकता में तस्वीरें और वीडियो भी बनाए।
रूट मार्च भवानीपुर थाने से शुरू होकर पद्दोपुकुर, चक्रबेरिया, शरत बोस रोड और हाजरा तक निकाला गया, जहां केंद्रीय बलों की मौजूदगी ने सुरक्षा का भरोसा मजबूत किया।
चुनाव आयोग की खास अपील
रूट मार्च के दौरान केंद्रीय बलों ने माइक के जरिए लोगों से अपील की कि वे बिना डर के मतदान करें।
मतदाताओं से खास तौर पर 23 और 29 अप्रैल को सुबह ही मतदान करने और सभी दिशा-निर्देशों का पालन करने को कहा गया।
साथ ही यह भरोसा भी दिलाया गया कि किसी भी आपात स्थिति में पुलिस और केंद्रीय बल तुरंत मदद के लिए मौजूद रहेंगे।