कोलकाता/जीवनतला: पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद भी राजनीतिक हिंसा और रहस्यमयी मौतों का सिलसिला थमता नजर नहीं आ रहा है। दक्षिण 24 परगना जिले के जीवनतला थाना अंतर्गत देउली ग्राम पंचायत के पयना इलाके में सोमवार सुबह एक ईंट-भट्ठे से बीजेपी समर्थक का शव फंदे से लटका मिलने के बाद हड़कंप मच गया है। घटना को लेकर इलाके में भारी तनाव है। मृतक के परिजनों ने सीधे तौर पर आरोप लगाया है कि उनकी बेरहमी से हत्या करने के बाद शव को आत्महत्या का रूप देने के लिए ईंट-भट्ठे के एक कमरे में लटका दिया गया।
टीएमसी नेता शौकत मोल्ला के भाई का है ईंट-भट्ट
इस घटना ने राजनीतिक रूप तब ले लिया जब यह खुलासा हुआ कि जिस ईंट-भट्ठे से शव बरामद हुआ है, उसका मालिक शाहजहाँ मोल्ला है। शाहजहाँ मोल्ला कोई और नहीं, बल्कि तृणमूल कांग्रेस (TMC) के दबाव वाले नेता और कैनिंग पूर्व के पूर्व विधायक शौकत मोल्ला के भाई हैं। गौरतलब है कि शौकत मोल्ला साल 2026 के विधानसभा चुनाव में भांगड़ सीट से टीएमसी के उम्मीदवार थे, जहां उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। राज्य में सत्ता बदलने के तुरंत बाद ही टीएमसी नेता के भाई के ठिकाने से बीजेपी कार्यकर्ता का शव मिलने पर रहस्य गहरा गया है।
रात को घर से निकले थे, सुबह मिली लाश
मृतक की पहचान जीवनतला के हरिणदा इलाके के निवासी दूधकुमार सरदार के रूप में हुई है। वे इलाके में एक सक्रिय बीजेपी समर्थक के रूप में जाने जाते थे। परिवार के सदस्यों के अनुसार, दूधकुमार रविवार रात को किसी काम से घर से बाहर निकले थे, जिसके बाद वे वापस नहीं लौटे। सोमवार सुबह जब ईंट-भट्ठे के मजदूर काम पर पहुंचे, तो उन्होंने कमरे के भीतर दूधकुमार का शव लटकते हुए देखा। स्थानीय लोगों ने तुरंत इसकी सूचना पुलिस को दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
बीजेपी ने की पूर्ण निष्पक्ष जांच की मांग
पुलिस ने इस मामले में फिलहाल अप्राकृतिक मृत्यु (U/D) का केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। दूसरी तरफ, बीजेपी इस घटना को लेकर आक्रामक रुख अपना रही है। बीजेपी युवा मोर्चा के उपाध्यक्ष सुमन मंडल ने कहा, "मृतक दूधकुमार सरदार हमारी पार्टी के एक बेहद सक्रिय कार्यकर्ता थे। विधानसभा चुनाव के दौरान उन्होंने पार्टी की कई रैलियों और बैठकों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया था। हमें पूरा अंदेशा है कि यह राजनीतिक हत्या है। हम प्रशासन से इस पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच की मांग करते हैं।"