कोलकाता: महीनों से लगातार बढ़ रही महंगाई के बीच जुलाई महीने की शुरुआत छोटे व्यापारियों और होटल-रेस्तरां मालिकों के लिए एक बड़ी खुशखबरी लेकर आई है। सरकारी तेल कंपनियों ने 1 जुलाई से कमर्शियल एलपीजी (LPG) सिलेंडर की कीमतों में भारी कटौती का ऐलान किया है। कोलकाता में 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर के दाम में एक झटके में 174 रुपये की कमी की गई है।
इस कटौती के बाद कोलकाता में कमर्शियल गैस सिलेंडर की नई कीमत 3,081.50 रुपये हो गई है। हालांकि, आम जनता के रसोई बजट को प्रभावित करने वाले 14.2 किलोग्राम के घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है और वह 968 रुपये पर ही स्थिर है।
पिछले 6 महीनों से लगातार बढ़ रहे थे दाम
अंतरराष्ट्रीय बाजार में उतार-चढ़ाव और पश्चिम एशियाई संकट (विशेषकर ईरान युद्ध की स्थिति) के कारण देश में पिछले कई महीनों से कमर्शियल गैस के दाम आसमान छू रहे थे। अगर पिछले 6 महीनों के आंकड़ों पर नजर डालें, तो कमर्शियल सिलेंडर की कीमतों में बेतहाशा बढ़ोतरी हुई थी:
1 जनवरी 2026: 111 रुपये की बढ़ोतरी
1 फरवरी 2026: 49 रुपये की बढ़ोतरी
मार्च 2026: 31 रुपये की बढ़ोतरी
अप्रैल 2026: युद्ध के माहौल के बीच 218 रुपये की भारी वृद्धि
मई 2026: रिकॉर्ड 993 रुपये की सबसे बड़ी बढ़ोतरी
जून 2026: 53 रुपये की बढ़ोतरी
क्यों घटे दाम और किसे मिलेगा फायदा?
विशेषज्ञों के मुताबिक, ईरान युद्ध के बाद बने तनावपूर्ण हालातों में अब सुधार आ रहा है। केंद्र सरकार का मुख्य उद्देश्य पश्चिम एशियाई संकट के समय लगाए गए प्रतिबंधों को हटाकर रेस्तरां, होटल और अन्य वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों के लिए एलपीजी की आपूर्ति को वापस सामान्य स्तर पर लाना है। वैश्विक बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में आई स्थिरता के बाद ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने यह फैसला लिया है।कमर्शियल गैस के दाम घटने से होटल, रेस्तरां और छोटे दुकानदारों के संचालन की लागत कम होगी, जिससे बाजार को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
घरेलू गैस सिलेंडर के दाम कब कम होंगे?
कमर्शियल गैस की कीमत कम होने के बाद अब आम उपभोक्ताओं को इंतजार है कि घरेलू रसोई गैस (14.2 किलो) के दाम कब घटेंगे। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि घरेलू गैस सिलेंडर की कीमतों में बदलाव पूरी तरह से अंतरराष्ट्रीय बाजार के रुख और केंद्र सरकार की मूल्य नीति (Pricing Policy) पर निर्भर करता है। ऐसे में आम जनता को राहत के लिए थोड़ा और इंतजार करना पड़ सकता है।