कोलकाता: पश्चिम बंगाल में एक बार फिर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। एसटीएफ ने पूर्व तृणमूल पार्षद और पूर्व विधायक अदिति मुंशी के पति देबराज चक्रवर्ती को पुरुलिया से गिरफ्तार किया है। उनकी अग्रिम जमानत याचिका पहले ही कलकत्ता हाईकोर्ट खारिज कर चुका था। गिरफ्तारी के बाद मामले को लेकर राज्य की राजनीति में नई बहस शुरू हो गई है।
अदिति मुंशी को मिली थी सशर्त अग्रिम जमानत
कुछ दिन पहले कलकत्ता हाईकोर्ट ने पूर्व विधायक अदिति मुंशी को अग्रिम जमानत दी थी। अदालत ने उनके चार महीने के शिशु का हवाला देते हुए राहत प्रदान की, लेकिन कई कड़ी शर्तें भी लगाईं। अदालत ने उन्हें विदेश यात्रा पर रोक लगाई, पासपोर्ट जमा करने का निर्देश दिया, किसी भी गवाह को प्रभावित नहीं करने और फिलहाल बागुईआटी थाना क्षेत्र में प्रवेश न करने का आदेश भी दिया।
देबराज को नहीं मिली राहत
जहां अदिति मुंशी को अदालत से राहत मिली, वहीं उनके पति देबराज चक्रवर्ती की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी गई थी। इसके बाद बुधवार को एसटीएफ ने उन्हें पुरुलिया से गिरफ्तार कर लिया। अब आगे की कानूनी प्रक्रिया पर सभी की नजर बनी हुई है।
पार्टी कार्यालय से बरामद हुई थी राहत सामग्री
इससे पहले भाजपा विधायक तरुणज्योति तिवारी बागुईआटी स्थित अदिति मुंशी के पार्टी कार्यालय पहुंचे थे। वहां पार्टी कार्यालय का ताला तोड़कर तलाशी ली गई, जिसमें बड़ी मात्रा में तिरपाल, साड़ियां, छाते और चुनाव से जुड़े दस्तावेज बरामद होने का दावा किया गया था। इस घटना के बाद मामला और अधिक चर्चा में आ गया।
100 करोड़ की संपत्ति का आरोप
भाजपा विधायक तरुणज्योति तिवारी ने आरोप लगाया था कि अदिति मुंशी और देबराज चक्रवर्ती करीब 100 करोड़ रुपये की संपत्ति के मालिक हैं। हालांकि, इन आरोपों पर संबंधित पक्ष की ओर से सार्वजनिक रूप से कोई विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।