फलता: पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले के फलता क्षेत्र में सरकारी आवास योजना की लाभार्थी सूची को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। सूची में कथित अनियमितताओं के आरोप लगने के बाद मामले ने राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में हलचल पैदा कर दी है। फलता के विधायक देबांशु पांडा ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
RTI से सामने आई कथित गड़बड़ियां
विधायक का दावा है कि सूचना का अधिकार (RTI) के तहत प्राप्त दस्तावेजों की जांच में देवीपुर ग्राम पंचायत के मजलिशपुर इलाके की लाभार्थी सूची में कई गंभीर विसंगतियां मिली हैं। आरोप है कि कई पात्र परिवारों के नाम सूची से गायब हैं, जबकि सूची में संदिग्ध प्रविष्टियां दर्ज की गई हैं।
'ZZZ' और 'FFF' जैसे नामों ने बढ़ाए सवाल
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि लाभार्थियों की सूची में कई स्थानों पर वास्तविक नामों की जगह केवल 'ZZZ' और 'FFF' जैसे अक्षर दर्ज मिले हैं। इसे लेकर स्थानीय लोगों ने फर्जी लाभार्थियों के जरिए सरकारी धन के दुरुपयोग की आशंका जताई है। हालांकि, इन आरोपों की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
स्थानीय लोगों में नाराजगी
ग्रामीणों का कहना है कि वर्षों से कई जरूरतमंद परिवार आवास योजना का लाभ मिलने का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन उनका नाम सूची में शामिल नहीं है। लोगों का आरोप है कि यदि पात्र लोगों को छोड़कर फर्जी नामों को शामिल किया गया है तो इसकी निष्पक्ष जांच जरूरी है।
राजनीतिक बयानबाजी तेज
मामले के सामने आने के बाद राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप भी तेज हो गए हैं। विपक्ष ने इसे सरकारी योजनाओं की निगरानी व्यवस्था पर सवाल बताते हुए पारदर्शी जांच की मांग की है। वहीं, प्रशासन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
जांच पर टिकी सबकी नजर
आवास योजना गरीब और जरूरतमंद परिवारों के लिए महत्वपूर्ण कल्याणकारी योजना है। ऐसे में लाभार्थी सूची में कथित गड़बड़ियों के आरोपों ने पूरे मामले को गंभीर बना दिया है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि प्रशासन जांच कर क्या निष्कर्ष निकालता है और यदि अनियमितताएं साबित होती हैं तो जिम्मेदार लोगों पर क्या कार्रवाई होती है।