मालदा: अंग्रेज़बाज़ार नगर पालिका के 25 नंबर वार्ड के घोरापीर घोषपाड़ा इलाके में भाजपा कार्यकर्ता सुनील राय ने तृणमूल पार्षद काकली कर्मकार और उनके करीबी राजकुमार घोष पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि 18 मार्च 2026 को घोरापीर स्टैंड पर उन्हें भाजपा छोड़कर तृणमूल कांग्रेस में शामिल होने का दबाव बनाया गया और इनकार करने पर जान से मारने की धमकी दी गई।
अवैध वसूली और आवास योजना में अनियमितता का दावा
सुनील राय का आरोप है कि पिछले चार वर्षों से आरोपी इलाके में अवैध वसूली, कट मनी और अवैध जमीन भराई जैसे कार्यों के जरिए करोड़ों रुपये की हेराफेरी कर रहे हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मिलने वाली 74 हजार रुपये की किस्त उन्हें अब तक नहीं मिली है।
पत्नी का आरोप: पार्टी बदलने पर ही मिलेगा लाभ
सुनील राय की पत्नी कामना राय का आरोप है कि जब वह आवास योजना के पैसे के बारे में पूछताछ करने वार्ड कार्यालय गईं, तो उन्हें बताया गया कि उनके पति भाजपा से जुड़े हैं, इसलिए राशि नहीं दी जाएगी। साथ ही कहा गया कि यदि वे तृणमूल में शामिल हो जाएं, तभी सरकारी लाभ मिलेगा।
परिवार में दहशत, पुलिस पर कार्रवाई न करने का आरोप
दंपति का कहना है कि वे वर्तमान में भय के माहौल में जी रहे हैं। उन्होंने बताया कि पुलिस में लिखित शिकायत दर्ज कराई गई है, लेकिन अब तक कोई जांच शुरू नहीं हुई है। उन्होंने निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। साथ ही उन्होंने जरूरत पड़ने पर माननीय मुख्यमंत्री और शुभेंदु अधिकारी से मिलने की बात कही है।
तृणमूल पार्षद का पलटवार: सभी आरोप बेबुनियाद
वहीं, 25 नंबर वार्ड की तृणमूल पार्षद काकली कर्मकार ने सभी आरोपों को पूरी तरह निराधार और राजनीतिक रूप से प्रेरित बताया है। उन्होंने कहा कि उन्होंने सुनील राय और उनके परिवार को विभिन्न सरकारी योजनाओं और वृद्धावस्था पेंशन के लिए आवेदन में सहायता की है।
धमकी और आवास योजना आरोपों का खंडन
पार्षद ने कहा कि किसी को भी किसी राजनीतिक दल में शामिल होने के लिए उन्होंने कभी दबाव या धमकी नहीं दी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सरकारी योजनाओं की राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खाते में जाती है, इसलिए इसे रोकने का सवाल ही नहीं उठता।
इलाके में तनाव, प्रशासन की चुप्पी
इस घटना के बाद इलाके में राजनीतिक तनाव बढ़ गया है। हालांकि, प्रशासन की ओर से अब तक इस मामले में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।