कोलकाता: आरजी कर मेडिकल कॉलेज में महिला डॉक्टर से दुष्कर्म और हत्या की भयावह घटना के लगभग दो साल बाद भी पश्चिम बंगाल के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में महिला डॉक्टरों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल बने हुए हैं। अब कोलकाता के एनआरएस मेडिकल कॉलेज में देर रात महिला डॉक्टरों से छेड़छाड़ और हॉस्टल परिसर में बाहरी लोगों की घुसपैठ की घटना ने एक बार फिर सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है।
देर रात हॉस्टल के बाहर अश्लील हरकतों का आरोप
जानकारी के अनुसार, शनिवार रात करीब 3 बजे कुछ बाहरी युवक एनआरएस मेडिकल कॉलेज परिसर में घुस आए और महिला डॉक्टरों के हॉस्टल के बाहर अश्लील टिप्पणियां और अभद्र हरकतें करने लगे। आरोप है कि युवकों ने कई बार महिला डॉक्टरों को परेशान किया, जिससे हॉस्टल में रहने वाली डॉक्टरों के बीच डर और असुरक्षा का माहौल बन गया।
23 और 27 जून को भी हुई थी ऐसी घटनाएं
अस्पताल सूत्रों के मुताबिक, एमडी और एमएस की पढ़ाई कर रही महिला डॉक्टरों के लिए बने 'लेडी डॉक्टर्स हॉस्टल' के बाहर अक्सर बाहरी लोगों का जमावड़ा लगा रहता है। आरोप है कि 23 और 27 जून की रात चार से पांच युवक हॉस्टल के बाहर खड़े होकर महिला डॉक्टरों पर अश्लील टिप्पणियां और इशारे कर रहे थे। इतना ही नहीं, उन्होंने देर रात हॉस्टल की खिड़कियों के बाहर तेज आवाज में अश्लील वीडियो भी चलाए, जिससे महिला डॉक्टरों में भारी असुरक्षा की भावना पैदा हो गई।
विरोध करने पहुंचीं महिला डॉक्टर से भी की गई छेड़छाड़
घटना की शिकायत मिलने के बाद हॉस्टल की देखरेख की जिम्मेदारी संभाल रही एक महिला डॉक्टर रात में मौके पर पहुंचीं और युवकों को वहां से जाने के लिए कहा। आरोप है कि इसी बात से नाराज होकर आरोपियों ने उनके साथ भी अभद्र व्यवहार किया और उनकी शीलभंग (छेड़छाड़) की। शिकायतकर्ता का दावा है कि सभी आरोपी शराब के नशे में थे।
CCTV फुटेज से पहचान, चार आरोपी गिरफ्तार
महिला डॉक्टर ने तत्काल एंटाली थाने में फोन कर शिकायत दर्ज कराई। पुलिस के पहुंचने से पहले आरोपी मौके से फरार हो गए, लेकिन अस्पताल परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज के आधार पर उनकी पहचान कर ली गई। इसके बाद रविवार को एंटाली थाना पुलिस ने कॉन्वेंट रोड इलाके से चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान पप्पू दास (25), पप्पू राम (26), भोला दास (43) और किशन कुमार (41) के रूप में हुई है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।
महिला डॉक्टरों ने उठाए सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
घटना के बाद महिला डॉक्टरों में भारी नाराजगी और डर का माहौल है। उनका सवाल है कि रात 2 से 3 बजे के बीच अस्पताल परिसर में बाहरी लोग आखिर कैसे बेखौफ प्रवेश कर रहे हैं। डॉक्टरों का कहना है कि आरजी कर कांड जैसी दर्दनाक घटना के बाद भी यदि सरकारी अस्पतालों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत नहीं हुई, तो यह प्रशासन की गंभीर विफलता है। उन्होंने अस्पताल परिसर और हॉस्टलों में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था लागू करने की मांग की है।