कोलकाता: पानिहाटी के श्री चैतन्य महाप्रभु श्री मंदिर के दानपात्र (प्रणामी बॉक्स) को घर ले जाकर उसमें जमा राशि गिनने का निर्देश देने के आरोपों के बीच पानिहाटी की विधायक रत्ना देवनाथ ने पहली बार खुलकर प्रतिक्रिया दी है। सोशल मीडिया पर जारी एक संदेश में उन्होंने अपनी ही पार्टी के एक धड़े पर गंभीर आरोप लगाए। उनके बयान के बाद भाजपा के अंदरूनी विवाद ने नया राजनीतिक मोड़ ले लिया है।
सोशल मीडिया पर पार्टी के भीतर के नेताओं पर साधा निशाना
रत्ना देवनाथ ने बिना किसी का नाम लिए कहा कि चुनाव के समय जिन्हें घर से बुलाकर राजनीतिक रूप से आगे बढ़ाया गया, वही आज पैसों के बदले तृणमूल के कथित वसूलीबाजों को बचाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि तृणमूल के जिन पार्षदों और प्रमोटरों की गिरफ्तारी हो रही है, उन्हें छुड़ाने के लिए आखिर थानों के चक्कर कौन लगा रहा है और अपराधियों को बचाने की कोशिश क्यों की जा रही है।
सहयोगियों को मिल रही जान से मारने की धमकी
विधायक ने आरोप लगाया कि उनके सहयोगियों को जान से मारने की धमकियां दी जा रही हैं ताकि वे उनका साथ छोड़ दें। उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले के सबूत मुख्यमंत्री को सौंपकर कार्रवाई की मांग करेंगी। साथ ही भाजपा की अनुशासन समिति को भी पत्र लिखकर पूरे घटनाक्रम की जानकारी देंगी।
परिवार पर लगाए गए आरोपों का दिया जवाब
अपने परिवार को लेकर लगाए जा रहे आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए रत्ना देवनाथ ने कहा कि जो लोग उनके परिवार पर कीचड़ उछाल रहे हैं, उन्हें इसका परिणाम भुगतना पड़ सकता है। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि यदि यह सब बंद नहीं हुआ तो "घर का पता बदल जाएगा।"
'धन के लालच का सवाल ही नहीं उठता'
रत्ना देवनाथ ने अपने पति शेखर देवनाथ पर लगे आरोपों को भी अप्रत्यक्ष रूप से खारिज करते हुए कहा कि उनकी कोई दूसरी संतान नहीं है, जिसके लिए वह या उनके पति धन के लालच में पड़ें। उन्होंने संकेत दिया कि परिवार के खिलाफ लगाए जा रहे आरोप राजनीतिक उद्देश्य से प्रेरित हैं।
राजनीतिक हलकों में बढ़ी हलचल
विधायक के इस बयान के बाद भाजपा के भीतर चल रही खींचतान खुलकर सामने आ गई है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि पार्टी नेतृत्व इस विवाद पर क्या रुख अपनाता है और आरोप-प्रत्यारोप की इस सियासी जंग का आगे क्या असर पड़ता है।