कोलकाता: दक्षिण 24 परगना के जीवनतला थाना क्षेत्र स्थित मौखाली में गुरुवार को प्रशासन ने कथित अवैध निर्माण के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की। शौकत मोल्ला के बेटे इमरान मोल्ला के कैफे 'अरण्येर कूले' को बुलडोजर से तोड़ने का काम शुरू कर दिया गया। प्रशासन का आरोप है कि यह कैफे मातला नदी के चर पर अवैध रूप से बनाया गया था।
29 जून को दिया गया था नोटिस
जिला प्रशासन ने 29 जून को संबंधित निर्माण को हटाने का आदेश जारी किया था। अधिकारियों के अनुसार, तय समय सीमा के भीतर कैफे मालिक की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई। इसके बाद प्रशासन ने स्वयं मौके पर पहुंचकर ध्वस्तीकरण अभियान शुरू किया।
कार्रवाई का खर्च भी मालिक से वसूला जाएगा
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अवैध निर्माण हटाने में सरकारी मशीनरी पर आने वाला पूरा खर्च कैफे के मालिक से वसूला जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि सरकारी आदेश की अनदेखी किए जाने के बाद यह कार्रवाई कानून के तहत की जा रही है।
मौके पर भारी पुलिस बल तैनात
ध्वस्तीकरण के दौरान किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए इलाके में बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों और प्रशासनिक अधिकारियों की तैनाती की गई। प्रशासन के मुताबिक पूरी कार्रवाई शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराई जा रही है।
भाजपा ने साधा निशाना
स्थानीय भाजपा नेता ओलिरुल पियादा ने आरोप लगाया कि सार्वजनिक और पर्यावरणीय महत्व वाली जमीन पर अवैध कब्जा कर कैफे बनाया गया था। उन्होंने कहा कि ऐसे अवैध निर्माण के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
शौकत मोल्ला पहले से पुलिस हिरासत में
गौरतलब है कि शौकत मोल्ला फिलहाल जीवनतला थाना पुलिस की हिरासत में हैं। उनके खिलाफ दुष्कर्म सहित कई मामलों की जांच चल रही है। इसी बीच उनके बेटे के कैफे पर हुई प्रशासनिक कार्रवाई ने पूरे मामले को राजनीतिक और प्रशासनिक रूप से चर्चा का विषय बना दिया है।