कोलकाता: पश्चिम बंगाल में शिक्षक भर्ती को लेकर SLST 2025 के ‘वंचित फ्रेशर्स’ अभ्यर्थियों का आंदोलन गुरुवार (20 अगस्त 2026) को तेज हो गया। बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों ने करुणामयी मेट्रो स्टेशन से विकास भवन की ओर मार्च निकाला। हालांकि, मयूर भवन के पास पुलिस ने बैरिकेड लगाकर प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोक दिया। इसके बाद अभ्यर्थियों और पुलिस के बीच तीखी बहस हुई। प्रदर्शनकारी सड़क पर बैठ गए और अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी करने लगे।
6 मांगों को लेकर प्रदर्शन
अभ्यर्थियों ने भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और नए उम्मीदवारों के अधिकारों को लेकर छह प्रमुख मांगें सामने रखीं।
1. 10 अतिरिक्त अंकों का नियम खत्म करने की मांग
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि पूर्व नियुक्तियों के रद्द होने के बाद नए SLST में 10 अतिरिक्त/ग्रेस अंक देने का प्रावधान नए अभ्यर्थियों के साथ भेदभाव करता है। वे इस नियम को तत्काल रद्द करने की मांग कर रहे हैं।
2. SLST-2 की OMR शीट सार्वजनिक हो
अभ्यर्थियों ने परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए सभी उम्मीदवारों की OMR शीट सार्वजनिक करने की मांग की है।
3. स्वतंत्र विशेषज्ञ समिति का गठन
उत्तर पुस्तिकाओं और आंसर-की से जुड़ी संभावित विसंगतियों की जांच के लिए अभ्यर्थी विषय विशेषज्ञों की स्वतंत्र समिति गठित करने की मांग कर रहे हैं।
4. पुराने पैनल रद्द किए जाएं
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि पुराने या कथित तौर पर एक्सपायर हो चुके पैनलों को समाप्त कर भर्ती में नए और योग्य उम्मीदवारों को अवसर दिया जाना चाहिए।
5. इंटरव्यू की वीडियोग्राफी अनिवार्य हो
अभ्यर्थियों ने इंटरव्यू प्रक्रिया में पारदर्शिता के लिए हर उम्मीदवार के इंटरव्यू की वीडियोग्राफी अनिवार्य करने की मांग रखी है।
6. निष्पक्ष और पारदर्शी नियुक्ति प्रक्रिया
उनकी मांग है कि स्कूल सेवा आयोग बिना किसी राजनीतिक या प्रशासनिक हस्तक्षेप के मेधा के आधार पर खाली पदों पर नियुक्ति प्रक्रिया शुरू करे।
मयूर भवन पर भारी पुलिस तैनाती
प्रदर्शन को देखते हुए करुणामयी, मयूर भवन और विकास भवन के आसपास सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई थी। पुलिस और RAF के जवानों की तैनाती के साथ कई स्थानों पर बैरिकेड लगाए गए। अभ्यर्थियों का कहना है कि वे शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से मिलकर अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपना चाहते थे। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन आगे भी जारी रहेगा।