पश्चिम मेदनीपुर: महान स्वतंत्रता सेनानी और क्रांतिकारी शहीद खुदीराम बोस के शहादत दिवस पर मंगलवार को पश्चिम मेदनीपुर जिले स्थित उनके पैतृक गांव मोहबनी में श्रद्धांजलि कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी ने शहीद के पैतृक आवास पर पुष्पांजलि अर्पित की और वहां की ऐतिहासिक स्मृति को संजोने के लिए प्रारंभिक चरण में 5 करोड़ रुपये के विकास कोष (Development Fund) की घोषणा की। इसके साथ ही उन्होंने शैक्षणिक पाठ्यक्रमों में खुदीराम बोस के जीवन चरित्र को मात्र चार पंक्तियों में समेटने की आलोचना करते हुए प्राथमिक से विश्वविद्यालय स्तर तक उनके संपूर्ण इतिहास को शामिल करने पर जोर दिया।
अमित शाह ने फोन कर जताया था पैतृक आवास पर चिंता
कार्यक्रम के दौरान सुवेंदु अधिकारी ने बताया कि मोहबनी आने से पहले केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने उन्हें फोन कर खुदीराम बोस के जर्जर पैतृक आवास की स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त की थी। उन्होंने बताया कि गृह मंत्री ने इस ऐतिहासिक स्थल के संरक्षण और जीर्णोद्धार के लिए एक विशेष कार्ययोजना बनाने का निर्देश दिया था, जिसके बाद 11 अगस्त को इस स्थल का दौरा करने का कार्यक्रम तय किया गया।
संग्रहालय, लेजर शो और अनुसंधान केंद्र का होगा निर्माण
मोहबनी विकास बोर्ड के प्रशासक (जिलाधिकारी) से प्राप्त योजनाओं की जानकारी साझा करते हुए बताया गया कि पैतृक आवास का बारीकी से जीर्णोद्धार किया जाएगा। इसके अलावा परिसर में एक अत्याधुनिक संग्रहालय (Museum), आर्ट गैलरी, लेजर शो तथा दूर-दराज से आने वाले शोधकर्ताओं और पर्यटकों के ठहरने के लिए गेस्ट हाउस का निर्माण किया जाएगा। इस पूरी परियोजना के लिए एक विस्तृत प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) तैयार की जा रही है।
अक्टूबर से शुरू होगा विकास कार्यों का टेंडर और निर्माण
विकास कार्यों की समयसीमा स्पष्ट करते हुए घोषणा की गई कि 5 करोड़ रुपये की प्रारंभिक राशि मोहबनी विकास बोर्ड के खाते में आवंटित कर दी गई है। जारी मानसून सत्र के दौरान ही टेंडर की प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी और अक्टूबर महीने से जमीनी स्तर पर निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा। लक्ष्य रखा गया है कि अगले वर्ष तक इस पूरे परिसर का नया स्वरूप तैयार कर लिया जाए और धन की कोई कमी इस परियोजना में बाधा नहीं बनेगी।

पाठ्यक्रम में बदलाव और चार लाइनों के इतिहास पर सवाल
शिक्षा विभाग को आड़े हाथों लेते हुए सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि स्कूली किताबों में खुदीराम बोस के महान योगदान को महज चार लाइनों में समेट देना अनुचित है। उन्होंने मांग की कि प्राथमिक विद्यालय से लेकर विश्वविद्यालय स्तर तक उनके क्रांतिकारी विचारों, भगवद्गीता हाथ में लेकर 'वंदे मातरम' गाते हुए फांसी के फंदे को चूमने की अटूट गाथा को विस्तार से पढ़ाया जाना चाहिए ताकि नई पीढ़ी अपने इतिहास से परिचित हो सके।
केशपुर को हिंसा मुक्त और विकास से जोड़ने का आह्वान
संबोधन के अंतिम हिस्से में केशपुर के सामाजिक और राजनीतिक माहौल में बदलाव का आह्वान किया गया। उन्होंने कहा कि केशपुर की पहचान अब बम-गोली, कटमनी और राजनीतिक हिंसा से नहीं, बल्कि शहीद खुदीराम बोस की पावन भूमि के रूप में होनी चाहिए। क्षेत्र में प्रधानमंत्री आवास योजना, पीएम सूर्य घर योजना, आयुष्मान भारत और पीएम किसान जैसी केंद्रीय जन कल्याणकारी योजनाओं को धरातल पर उतारने का आश्वासन दिया गया।
झूठे मुकदमों की वापसी और पारदर्शी कार्रवाई के निर्देश
कार्यक्रम में मौजूद पुलिस अधीक्षक को निर्देश देते हुए कहा गया कि विगत वर्षों में राजनीतिक द्वेष के तहत जिन स्थानीय निवासियों पर झूठे मुकदमे दर्ज किए गए थे, उन्हें तत्काल प्रभाव से वापस लिया जाए। इसके साथ ही 2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान प्रचार में बाधा डालने और प्रताड़ित करने के मामलों में पुराने दस्तावेजों की निष्पक्ष जांच कर उचित कानूनी कार्रवाई करने की बात कही गई।