कोलकाता: पश्चिम बंगाल की राजनीति में तृणमूल कांग्रेस के भीतर नया विवाद सामने आया है। खुद को 'असली तृणमूल' बताने वाला एक गुट अब पार्टी के संगठन और चुनाव चिन्ह पर अपना दावा मजबूत करने की कोशिश में जुट गया है। इस घटनाक्रम ने राज्य की सियासत में नई बहस छेड़ दी है।
चुनाव आयोग से होगी अहम मुलाकात
सूत्रों के अनुसार, इस गुट का एक प्रतिनिधिमंडल गुरुवार को नई दिल्ली में चुनाव आयोग के अधिकारियों से मुलाकात करेगा। प्रतिनिधिमंडल अपने पक्ष में दस्तावेज और दावे प्रस्तुत कर सकता है। माना जा रहा है कि संगठनात्मक वैधता और पार्टी की पहचान से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होगी।
'असली तृणमूल' होने का दावा
प्रतिनिधिमंडल का कहना है कि पार्टी के संगठनात्मक ढांचे में बदलाव किया गया है और नई कार्यसमिति का गठन किया गया है। इसी आधार पर वे खुद को तृणमूल कांग्रेस का वास्तविक संगठन बता रहे हैं। इससे पहले संबंधित दस्तावेज राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय में भी जमा किए जा चुके हैं।
बंगाल की राजनीति पर रहेगी नजर
इस पूरे घटनाक्रम पर अब राजनीतिक दलों और विश्लेषकों की नजर है। यदि चुनाव आयोग इस मामले में आगे कोई प्रक्रिया शुरू करता है, तो इसका असर तृणमूल कांग्रेस की आंतरिक राजनीति और राज्य की सियासी दिशा पर पड़ सकता है। फिलहाल सभी की निगाहें गुरुवार की बैठक पर टिकी हैं।