देश में ग्रामीण रोजगार व्यवस्था को मजबूत बनाने के उद्देश्य से केंद्र सरकार ने 1 जुलाई 2026 से VB–G RAM G (विकसित भारत–गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन ग्रामीण) योजना लागू कर दी है। इस नई पहल के साथ रोजगार के अवसर बढ़ाने और श्रमिकों की आय में सुधार पर विशेष जोर दिया गया है।
अब मिलेगा 125 दिनों का रोजगार
नई योजना के तहत पात्र ग्रामीण परिवारों को पहले की तुलना में अधिक कार्य दिवस उपलब्ध कराए जाएंगे। अब श्रमिकों को साल में 125 दिनों तक रोजगार देने का प्रावधान किया गया है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका के अवसर बढ़ने की उम्मीद है।
दैनिक मजदूरी में भी हुआ इजाफा
केंद्र सरकार ने योजना के साथ नई मजदूरी दरें भी लागू की हैं। अधिकांश राज्यों में न्यूनतम दैनिक मजदूरी 300 रुपये निर्धारित की गई है। कई राज्यों में पहले की तुलना में मजदूरी में 10 से 25 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी की गई है।
पश्चिम बंगाल के श्रमिकों को कितनी मिलेगी मजदूरी?
पश्चिम बंगाल उन राज्यों में शामिल है जहां नई व्यवस्था के तहत 300 रुपये प्रतिदिन की न्यूनतम मजदूरी तय की गई है। उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और असम जैसे कई अन्य राज्यों में भी यही दर लागू होगी।
कुछ राज्यों में मजदूरी 400 रुपये के करीब
केरल, हरियाणा, पंजाब और कर्नाटक जैसे राज्यों में स्थानीय परिस्थितियों को देखते हुए मजदूरी 360 से 409 रुपये प्रतिदिन के बीच निर्धारित की गई है। वहीं सिक्किम के ऊंचाई वाले पर्वतीय पंचायत क्षेत्रों में यह राशि 450 रुपये प्रतिदिन तक होगी।
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगा सहारा
सरकार का मानना है कि नई योजना से ग्रामीण परिवारों की आय बढ़ेगी, स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर मजबूत होंगे और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी। योजना के लागू होने के बाद इसके प्रभाव पर सभी राज्यों की नजर रहेगी।