कोलकाता/कूचबिहार: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए उत्तर बंगाल में प्रचार कर रही मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सुप्रीम कोर्ट के ताजा फैसले पर जबरदस्त उत्साह दिखाया है। कूचबिहार के हेलीपैड पर पत्रकारों से बात करते हुए ममता बनर्जी ने कहा, "आज मुझसे ज्यादा खुश कोई नहीं है। मैं न्यायपालिका पर गर्व करती हूं।"
हेलीकॉप्टर से उतरते ही मिली 'खुशखबरी'
मुख्यमंत्री ने बताया कि जब वे दिनहाटा से हेलीकॉप्टर में सवार हुईं, तभी उन्हें सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक फैसले की जानकारी मिली। ममता बनर्जी ने कहा, "मैं पहले दिन से कह रही थी कि धैर्य बनाए रखें। मैंने ही इस मामले (SIR Case) को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी। आज मेरी मेहनत सफल हुई और उन लाखों लोगों को न्याय मिला जिनके नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए थे।"
कार्यकर्ताओं को ममता का 'नाइट मिशन' निर्देश
फैसले के तुरंत बाद ममता बनर्जी ने अपनी पार्टी (TMC) के जमीनी कार्यकर्ताओं और नेताओं के लिए विशेष गाइडलाइन जारी की है:
वोटर स्लिप का वितरण: जैसे ही 21 अप्रैल (पहले चरण के लिए) और 27 अप्रैल (दूसरे चरण के लिए) को अतिरिक्त मतदाता सूची जारी होगी, कार्यकर्ताओं को उसी रात घर-घर जाकर वोटर स्लिप पहुंचानी होगी।
कोई छूटना न पाए: सीएम ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि जिन लोगों के नाम ट्रिब्यूनल से क्लियर हुए हैं, उन्हें मतदान केंद्र तक लाना पार्टी की प्राथमिकता होनी चाहिए।
वोटरों को दिया भरोसा
राज्य में SIR प्रक्रिया के दौरान लगभग **60 लाख नाम** विचाराधीन सूची में थे। तकनीकी कारणों और मतदाता सूची 'फ्रीज' होने की वजह से इन लोगों के वोट देने पर संशय बना हुआ था। मुख्यमंत्री ने मतदाताओं को आश्वस्त करते हुए कहा कि अब उन्हें घबराने की जरूरत नहीं है, क्योंकि सुप्रीम कोर्ट ने मतदान से दो दिन पहले तक क्लीयरेंस मिलने पर भी वोट डालने का अधिकार सुरक्षित कर दिया है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ममता बनर्जी इस फैसले को अपनी व्यक्तिगत और राजनीतिक जीत के रूप में पेश कर रही हैं, जिससे चुनाव के ऐन पहले टीएमसी कार्यकर्ताओं के मनोबल में भारी बढ़त देखी जा रही है।