कोलकाता: पश्चिम बंगाल में चुनावी माहौल गरमाता जा रहा है। सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग की भूमिका पर गंभीर सवाल उठाते हुए बड़ा राजनीतिक हमला बोला है। पार्टी नेताओं का कहना है कि यदि कोई सोचता है कि नरेंद्र मोदी,अमित शाह या योगी आदित्यनाथ बंगाल में बीजेपी के सबसे बड़े चेहरे हैं, तो यह अधूरी समझ है। असली ताकत पर्दे के पीछे काम कर रही है।
तृणमूल कांग्रेस का आरोप है कि चुनाव आयोग (EC) निष्पक्ष संस्था की तरह काम करने के बजाय सत्तारूढ़ दल के इशारों पर फैसले ले रहा है। पार्टी नेताओं का दावा है कि चुनावी रणनीति और प्रशासनिक फैसलों में BJP की भूमिका स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही है, जबकि आयोग उस पर मुहर लगाने का काम कर रहा है। चुनाव आयोग भाजपा का 'छुपा ट्रंप कार्ड' है,टीएमसी महासचिव अभिषेक बनर्जी ने दावा किया कि 'चुनाव आयोग (ECI) ही पश्चिम बंगाल में भाजपा का असली ट्रंप कार्ड है'। जो बीजेपी को फायदा पहुंचाने की रणनीति पर काम कर रहा है।
केंद्रीय बलों की तैनाती पर सवाल
तृणमूल कांग्रेस ने यह भी कहा कि राज्य में बड़ी संख्या में केंद्रीय सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है, जबकि देश के अन्य संवेदनशील इलाकों—जैसे पहलगाम, मणिपुर या दिल्ली—में इनकी अधिक आवश्यकता हो सकती थी। पार्टी का आरोप है कि इन बलों को विशेष रूप से TMC समर्थकों और नेताओं को निशाना बनाने के निर्देश दिए गए हैं, यहां तक कि कुछ नेताओं के परिवार भी इससे अछूते नहीं हैं।
‘19 दिन बाद बदल जाएगा समीकरण’
तृणमूल कांग्रेस नेताओं ने सख्त लहजे में कहा कि चुनाव प्रक्रिया के दौरान जो भी दबाव बनाया जा रहा है, वह अस्थायी है। उनका कहना है कि चुनाव खत्म होते ही हालात बदल जाएंगे और जो अधिकारी या बाहरी लोग अभी दबाव बना रहे हैं, वे राज्य में नजर भी नहीं आएंगे।
राजनीतिक तनाव चरम पर
बंगाल में इस बयान के बाद राजनीतिक तापमान और बढ़ गया है। जहां भारतीय जनता पार्टी इन आरोपों को बेबुनियाद बता रही है, वहीं तृणमूल कांग्रेस लगातार चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल उठा रही है। आने वाले दिनों में यह टकराव और तेज होने की संभावना है।