कोलकाता: पश्चिम बंगाल के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. शारद्वत मुखोपाध्याय ने सरकारी अस्पतालों की चिकित्सा सेवाओं, बुनियादी ढांचे और साफ-सफाई की स्थिति का जायजा लेने के लिए लगातार औचक निरीक्षण किया। हालिया निरीक्षणों में अस्पतालों की व्यवस्था को लेकर मंत्री ने अधिकारियों पर नाराजगी जताई और कई मामलों में समयसीमा तय कर सुधार के निर्देश दिए हैं।
इंदिरा मातृ एवं शिशु कल्याण अस्पताल में मिलीं कई खामियां
इंदिरा मातृ एवं शिशु कल्याण अस्पताल के निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य मंत्री ने प्रशासनिक व्यवस्था, डॉक्टरों की उपलब्धता, दवाइयों, मेडिकल लैब और साफ-सफाई का जायजा लिया। उन्होंने अस्पताल परिसर में गंदगी और कचरा जमा होने पर नाराजगी जताई और सफाई के लिए 48 घंटे की समयसीमा तय की।
अस्पताल में लैब नहीं, डॉक्टरों की मौजूदगी पर भी सवाल
मंत्री ने दावा किया कि अस्पताल में मेडिकल लैब के लिए तकनीशियन मौजूद हैं, लेकिन लैब की सुविधा उपलब्ध नहीं है। मानसिक स्वास्थ्य सेवा के डॉक्टर के सप्ताह में केवल एक दिन आने को लेकर भी उन्होंने सवाल उठाए। अस्पताल की प्रशासनिक व्यवस्था में लंबे समय से सुधार नहीं होने पर भी उन्होंने नाराजगी जाहिर की।
नॉर्थ सबअर्बन अस्पताल में खाने की गुणवत्ता पर फटकार
इसके बाद स्वास्थ्य मंत्री ने विधायक रितेश तिवारी के साथ नॉर्थ सबअर्बन अस्पताल का निरीक्षण किया। मरीजों को दिए जाने वाले भोजन की गुणवत्ता पर उन्होंने खास तौर पर नाराजगी जताई। दाल की गुणवत्ता को खराब बताते हुए मंत्री ने खाने को 10 में सिर्फ 4 अंक दिए। हालांकि उन्होंने कहा कि भोजन की मात्रा पर्याप्त है, लेकिन गुणवत्ता में सुधार की जरूरत है।
रसोई और ड्रेनेज की सफाई के निर्देश
अस्पताल की रसोई और आसपास की नाली-निकासी व्यवस्था में गंदगी मिलने पर भी मंत्री ने अधिकारियों को फटकार लगाई। उन्होंने रसोई, ड्रेन और आसपास के झाड़ियों वाले हिस्सों की जल्द सफाई कराने का निर्देश दिया। ओपीडी और इनडोर-आउटडोर सेवाओं की व्यवस्था में बदलाव के लिए अस्पताल प्रशासन को 7 दिन की समयसीमा दी गई।
नॉर्थ सबअर्बन को सुपर स्पेशलिटी बनाने का प्रस्ताव
विधायक रितेश तिवारी ने नॉर्थ सबअर्बन अस्पताल को सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में बदलने का प्रस्ताव स्वास्थ्य मंत्री के सामने रखा। उनका कहना है कि अस्पताल के पास पर्याप्त जमीन और जरूरी आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध हैं। सुपर स्पेशलिटी अस्पताल बनने से आरजी कर अस्पताल पर मरीजों का दबाव कम होने के साथ आसपास के कई इलाकों के लोगों को बेहतर इलाज मिल सकेगा।
अविनाश दत्त मैटरनिटी अस्पताल में भी सामने आई कमियां
श्यामपुकुर विधानसभा क्षेत्र के अविनाश दत्त मैटरनिटी अस्पताल के निरीक्षण में भी स्वास्थ्य मंत्री ने कई कमियां पकड़ीं। अस्पताल की दो लिफ्टों में से एक के काम नहीं करने और पांचवीं मंजिल के कई कमरों का इस्तेमाल नहीं होने की जानकारी सामने आई। मंत्री ने अनुपयोगी कमरों को मरीजों के हित में इस्तेमाल करने का निर्देश दिया। अस्पताल के बाल रोग विभाग में केवल दो डॉक्टर होने पर भी उन्होंने चिंता जताई और चिकित्सकों की संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए।
स्वास्थ्य विभाग में सख्ती के संकेत
लगातार अस्पतालों के औचक निरीक्षण के दौरान चिकित्सा सेवाओं, परिकাঠामो, साफ-सफाई, मरीजों के भोजन और स्टाफ की उपलब्धता से जुड़ी कई समस्याएं सामने आई हैं। स्वास्थ्य मंत्री ने संबंधित अधिकारियों को समयसीमा के भीतर व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए हैं। साथ ही लापरवाही मिलने पर कड़े कदम उठाने के संकेत भी दिए हैं।