नई दिल्ली। बदलती लाइफस्टाइल, बढ़ता तनाव, जंक फूड और घंटों बैठकर काम करने की आदत ने लोगों में कई गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ा दिया है। इनमें हाई ब्लड प्रेशर यानी हाइपरटेंशन सबसे खतरनाक बीमारियों में गिना जाता है, जिसे स्वास्थ्य विशेषज्ञ “साइलेंट किलर” कहते हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के मुताबिक भारत में लगभग हर चौथा वयस्क हाई ब्लड प्रेशर से पीड़ित है, जबकि करीब 27 प्रतिशत लोगों को यह तक पता नहीं होता कि वे इस बीमारी का शिकार हैं।
क्यों खतरनाक है हाई ब्लड प्रेशर?
हाई ब्लड प्रेशर शरीर की रक्त वाहिकाओं पर लगातार दबाव बढ़ाता है। इससे दिल को खून पंप करने के लिए ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है और धीरे-धीरे शरीर के कई अंग प्रभावित होने लगते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार अनियंत्रित ब्लड प्रेशर हार्ट अटैक, स्ट्रोक, हार्ट फेलियर, किडनी रोग और आंखों की समस्याओं का बड़ा कारण बन सकता है।
युवाओं में तेजी से बढ़ रही बीमारी
पहले यह बीमारी बढ़ती उम्र से जुड़ी मानी जाती थी, लेकिन अब 30 साल से कम उम्र के युवाओं में भी हाई ब्लड प्रेशर के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं।
डॉक्टरों के मुताबिक इसके पीछे कई कारण हैं—
लंबे समय तक बैठे रहना
जंक फूड और ज्यादा नमक का सेवन
धूम्रपान और शराब
तनाव और नींद की कमी
शारीरिक गतिविधियों में कमी
कितने ब्लड प्रेशर को माना जाता है खतरनाक?
ब्लड प्रेशर को mm Hg में मापा जाता है। सामान्य तौर पर 130/80 mm Hg या उससे अधिक ब्लड प्रेशर को हाइपरटेंशन माना जाता है। अगर यह लंबे समय तक बना रहे तो शरीर की धमनियों को नुकसान पहुंचने लगता है।
लोगों को बीमारी का पता क्यों नहीं चलता?
हाई ब्लड प्रेशर की सबसे बड़ी समस्या यह है कि शुरुआत में इसके स्पष्ट लक्षण नजर नहीं आते। कई लोगों को लगता है कि जब तक सिरदर्द या चक्कर न आए, तब तक ब्लड प्रेशर सामान्य है। इसी वजह से बड़ी संख्या में लोग नियमित जांच नहीं कराते और बीमारी लंबे समय तक छिपी रहती है। ग्रामीण इलाकों में जागरूकता और स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी भी एक बड़ी वजह मानी जा रही है।
बचाव के लिए क्या करें?
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार—
नियमित रूप से ब्लड प्रेशर चेक कराएं
नमक और तैलीय भोजन कम करें
रोजाना व्यायाम करें
तनाव कम रखें
धूम्रपान और शराब से दूरी बनाएं