भोपाल की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए शहर में 10 नई ई-बसों का संचालन शुरू कर दिया गया है। इसके साथ ही राजधानी की सड़कों पर चलने वाली ई-बसों की कुल संख्या अब 20 हो गई है।नई बसों के संचालन से बैरागढ़, पुराने भोपाल, कोलार, एमपी नगर और आईएसबीटी जैसे प्रमुख इलाकों के बीच रोजाना सफर करने वाले करीब 12 हजार यात्रियों को फायदा मिलने की उम्मीद है।
अब 10-15 मिनट में मिलेगी ई-बस
भोपाल सिटी लिंक लिमिटेड (BCLL) के मुताबिक नई ई-बसों को मुख्य मार्गों पर बसों की फ्रीक्वेंसी बढ़ाने के उद्देश्य से उतारा गया है।अब यात्रियों को बस स्टॉप पर लंबे समय तक इंतजार नहीं करना पड़ेगा। प्रमुख रूट पर हर 10 से 15 मिनट के अंतराल में ई-बस उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है।नई बसों का संचालन B-35, B-36 और B-37 रूट पर शुरू किया गया है।
B-35: बैरागढ़ से सलैया
B-35 रूट बैरागढ़ को शहर के प्रमुख इलाकों से जोड़ते हुए सलैया तक जाएगा।इसका रूट चिरायु अस्पताल से शुरू होकर लालघाटी, कलेक्ट्रेट, हमीदिया अस्पताल, रॉयल मार्केट, पीरगेट, कमला पार्क, रोशनपुरा, एमपी नगर, बोर्ड ऑफिस, बिट्टन मार्केट और बावड़िया चौराहा होते हुए आकृति इकोसिटी सलैया तक रहेगा।इस रूट से पुराने भोपाल और दक्षिणी हिस्से के बीच आवागमन करने वाले यात्रियों को सीधा फायदा मिलेगा।
B-36: रेलवे स्टेशन से कोलार
B-36 रूट रेलवे क्षेत्र को कोलार रोड से जोड़ेगा।बस कोच फैक्ट्री, निशातपुरा, प्लेटफॉर्म नंबर-1, अशोका गार्डन, सुभाष नगर, चेतक ब्रिज, एमपी नगर, बिट्टन मार्केट, मनीषा मार्केट, बंसल अस्पताल, चूनाभट्टी और गेहूंखेड़ा होते हुए कोलार रोड स्थित श्यामा प्रसाद मुखर्जी नगर तक जाएगी।इस रूट से रेलवे स्टेशन, एमपी नगर और कोलार के बीच आने-जाने वाले यात्रियों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी।
B-37: बैरागढ़ से ISBT
B-37 रूट बैरागढ़ से आईएसबीटी तक संचालित होगा।बस बैरागढ़ डिपो से निकलकर लालघाटी, हमीदिया अस्पताल, नादरा बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन प्लेटफॉर्म-6, जहांगीराबाद, पीएचक्यू, मिंटो हॉल, वल्लभ भवन, जिला न्यायालय और बोर्ड ऑफिस होते हुए आईएसबीटी पहुंचेगी।इस रूट से पश्चिमी भोपाल को शहर के प्रमुख सरकारी और व्यावसायिक इलाकों के साथ आईएसबीटी से जोड़ने में मदद मिलेगी।
ई-बसों के बढ़ते संचालन से सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा मिलने के साथ प्रदूषण कम करने में भी मदद मिल सकती है। ज्यादा फ्रीक्वेंसी होने से यात्रियों को निजी वाहनों के बजाय सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल करने के लिए बेहतर विकल्प मिलेगा।राजधानी में ई-बसों की संख्या बढ़ने से प्रमुख इलाकों के बीच कनेक्टिविटी मजबूत होने और यात्रियों के सफर का समय कम होने की उम्मीद है।