इंदौर। मध्यप्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर से राजनीति खूबसूरत तस्वीर सामने आई,यहां राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता बावजूद भाई-बहन जैसी अनोखी आत्मीयता देखने को मिली। जब कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह और बीजेपी की प्रदेश प्रवक्ता व महू से विधायक उषा ठाकुर आमने-सामने आए और बातचीत का केंद्र बना सनातन धर्म और व्यक्तिगत आस्था। इस अनौपचारिक मुलाकात में दोनों नेताओं के बीच वैचारिक मतभेदों से परे एक गर्मजोशी और पारिवारिक सम्मान का भाव साफ दिखाई दिया। यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
दिग्विजय सिंह का दावा: “मैं तुमसे बड़ा सनातनी हूँ”
इस मुलाकात के दौरान दिग्विजय सिंह ने मजाकिया अंदाज में अपने सनातनी होने का दावा किया और उषा ठाकुर से कहा, “मैं तुमसे बड़ा सनातनी हूँ।” उन्होंने मुस्कुराते हुए बताया कि वे हमेशा से सनातन धर्म के अनुयायी रहे हैं और नर्मदा परिक्रमा जैसी धार्मिक परंपराओं में पूरी आस्था रखते हैं।
भाई-बहन जैसी आत्मीयता
दोनों नेताओं के बीच बातचीत का अंदाज औपचारिक नहीं बल्कि बेहद आत्मीय रहा। दिग्विजय सिंह ने उषा ठाकुर के कंधे पर हाथ रखा और हल्की-फुल्की नोकझोंक के साथ बातचीत को सहज बनाया। उषा ठाकुर ने भी दिग्विजय सिंह को अपने बड़े भाई के समान बताया, जिससे वैचारिक मतभेद के बावजूद आपसी सम्मान का भाव स्पष्ट हुआ।
नर्मदा परिक्रमा और व्रत पर मजेदार बहस
मुलाकात के दौरान दोनों नेताओं ने धार्मिक परंपराओं पर हल्की-फुल्की बहस की। दिग्विजय ने पूछा कि क्या उषा ठाकुर ने कभी नर्मदा परिक्रमा की है या नियमित रूप से एकादशी का व्रत रखा है। उषा ठाकुर ने माना कि दिग्विजय सिंह पक्के सनातनी हैं, लेकिन सार्वजनिक रूप से इसे स्वीकार नहीं करते। इस पर दिग्विजय ने मजाकिया अंदाज में कहा कि वे कैमरे के सामने तो खुलकर यह बात कह रहे हैं।
वैचारिक मतभेद के बावजूद आपसी सम्मान
इस पूरी मुलाकात ने यह साबित किया कि राजनीतिक मतभेद होने के बावजूद नेताओं के बीच आत्मीयता और आपसी सम्मान के रिश्ते राजनीति से कहीं ऊपर होते हैं। दोनों नेताओं की यह बातचीत सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है और इसे देखने वाले इसे राजनीति की एक सकारात्मक और मानवतावादी झलक के रूप में देख रहे हैं।