भोपाल. मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले के बिजावर की नगर परिषद सदस्य और कानून की छात्रा दिव्या अहिरवार सितंबर में गिरफ्तार हुईं। उनकी गिरफ्तारी केन-बेतवा लिंक परियोजना और बुंदेलखंड की अन्य बुनियादी परियोजनाओं से जुड़े विस्थापन के खिलाफ प्रदर्शनों से जुड़ी है। मंगलवार को पूर्व राज्यसभा सांसद और वरिष्ठ नेता वृंदा करात तथा जय किसान आंदोलन के नेता अमित भटनागर ने पन्ना जिला जेल में उनसे मुलाकात की। दिव्या ने जमानत लेने से इनकार करते हुए कहा कि वे जेल से ही संघर्ष जारी रखेंगी।
जेल से संघर्ष जारी रखने का ऐलान
दिव्या अहिरवार ने जेल में मुलाकात के दौरान साफ कहा कि वे जेल से ही संघर्ष जारी रखेंगी। उन्होंने विस्थापित परिवारों के लिए लड़ाई जारी रखने का संकल्प दोहराया। उनकी यह बात चिता आंदोलन का केंद्र बन गई है। यह आंदोलन केन-बेतवा लिंक परियोजना और बुंदेलखंड की अन्य योजनाओं से प्रभावित परिवारों के उचित मुआवजे, सही पुनर्वास और शिकायतों पर कार्रवाई की मांग कर रहा है। दिव्या की हिरासत ने आंदोलन को नई चर्चा दे दी है।
केन-बेतवा परियोजना और विस्थापन का मुद्दा
केन-बेतवा लिंक परियोजना बुंदेलखंड क्षेत्र की बड़ी सिंचाई योजना है। इससे कई परिवारों के विस्थापित होने की आशंका है। कार्यकर्ता उचित मुआवजे और पुनर्वास पैकेज की मांग कर रहे हैं। दिव्या अहिरवार इस आंदोलन से जुड़ी प्रमुख आवाज बनकर उभरी हैं। वे नगर परिषद सदस्य होने के साथ कानून की पढ़ाई भी कर रही हैं। उनकी गिरफ्तारी के बाद से परियोजना के सामाजिक प्रभावों पर बहस तेज हो गई है। विस्थापित परिवारों के अधिकारों को लेकर आवाज उठाने वालों पर कार्रवाई के आरोप लग रहे हैं।
चिता आंदोलन और मांगें
दिव्या अहिरवार की गिरफ्तारी चिता आंदोलन का प्रमुख मुद्दा बन गई है। यह आंदोलन केन-बेतवा परियोजना और अन्य बुनियादी ढांचा योजनाओं से जुड़े विस्थापन का विरोध कर रहा है। आंदोलनकारी उचित मुआवजा, सही पुनर्वास और शिकायतों पर ठोस कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। दिव्या का जेल से संघर्ष जारी रखने का रुख आंदोलनकारियों के लिए प्रेरणा बन गया है। राजनीतिक नेताओं की मुलाकात के बाद इस मुद्दे को व्यापक स्तर पर चर्चा मिलने लगी है।
राजनीतिक समर्थन और मुलाकात
पूर्व राज्यसभा सांसद वृंदा करात और जय किसान आंदोलन के नेता अमित भटनागर ने पन्ना जेल में दिव्या से मुलाकात की। उन्होंने उनकी स्थिति और आंदोलन की जानकारी ली। दिव्या ने जमानत न लेने और संघर्ष जारी रखने का संकल्प दोहराया। इस मुलाकात के बाद उनकी बात को सार्वजनिक किया गया। कई संगठनों ने उनकी गिरफ्तारी पर सवाल उठाए हैं। आंदोलन को और समर्थन मिलने की संभावना बढ़ गई है।
युवा कार्यकर्ता की भूमिका और आगे की राह
दिव्या अहिरवार युवा कार्यकर्ता के रूप में चर्चा में हैं। नगर परिषद सदस्य और कानून की छात्रा होने के साथ वे विस्थापन के मुद्दे पर सक्रिय भूमिका निभा रही हैं। उनकी गिरफ्तारी और जेल से संघर्ष का ऐलान मध्य प्रदेश में विकास परियोजनाओं बनाम स्थानीय अधिकारों की बहस को फिर से सामने लाया है। आंदोलनकारी उनके रिहाई की मांग कर रहे हैं। वहीं प्रशासन परियोजना के हितों को आगे बढ़ा रहा है। दिव्या का रुख इस संघर्ष को नई दिशा दे सकता है।