नई दिल्ली. 80वें स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से राष्ट्रीय ध्वज फहराया, तब उनके साथ मौजूद भारतीय सेना की एक महिला अधिकारी ने देशभर का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया। समारोह के प्रसारण के बाद सोशल मीडिया पर उनकी तस्वीरें और वीडियो तेजी से वायरल होने लगे। लोग यह जानने के लिए उत्सुक दिखाई दिए कि प्रधानमंत्री के साथ मंच पर मौजूद यह अधिकारी कौन हैं और उनकी भूमिका क्या थी।
कौन हैं कैप्टन सोनिया सिंह चौहान?
कैप्टन सोनिया सिंह चौहान भारतीय सेना की एक कमीशंड अधिकारी हैं। स्वतंत्रता दिवस 2026 के राष्ट्रीय समारोह के लिए उन्हें विशेष सैन्य दायित्व सौंपा गया था। ध्वजारोहण के दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सहायक अधिकारी (Aide) के रूप में अपनी जिम्मेदारी निभाई। इस भूमिका में उनका कार्य पूरे समारोह के दौरान निर्धारित सैन्य प्रोटोकॉल का पालन सुनिश्चित करना और ध्वजारोहण प्रक्रिया में आवश्यक औपचारिक सहयोग प्रदान करना था।
ध्वजारोहण समारोह में क्या होती है सहायक अधिकारी की भूमिका?
लाल किले पर आयोजित स्वतंत्रता दिवस समारोह पूरी तरह सैन्य परंपराओं और निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुसार संचालित होता है। ध्वजारोहण के समय प्रधानमंत्री के साथ तैनात सैन्य अधिकारी राष्ट्रीय ध्वज, रस्सी और समारोह से जुड़े औपचारिक कार्यों में सहयोग करते हैं। यह जिम्मेदारी अत्यंत सम्मानजनक मानी जाती है और इसके लिए अनुशासन, प्रशिक्षण तथा सैन्य दक्षता रखने वाले अधिकारियों का चयन किया जाता है।
सोशल मीडिया पर वायरल हुईं तस्वीरें
ध्वजारोहण के दौरान कैप्टन सोनिया सिंह चौहान पूरे समय राष्ट्रीय ध्वज के निकट पूरी सतर्कता और अनुशासन के साथ अपनी ड्यूटी निभाती नजर आईं। समारोह के बाद उनकी तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से साझा किए गए। अनेक लोगों ने उनके अनुशासित व्यवहार और गरिमामय उपस्थिति की सराहना की। कई सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं ने इसे भारतीय सशस्त्र बलों में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी और नेतृत्व क्षमता का प्रतीक भी बताया।
भारतीय सेना में महिलाओं की बढ़ती भूमिका
पिछले कुछ वर्षों में भारतीय सेना में महिला अधिकारियों की जिम्मेदारियां लगातार बढ़ी हैं। आज महिलाएं प्रशासनिक, तकनीकी, परिचालन और नेतृत्व से जुड़े अनेक महत्वपूर्ण पदों पर सेवाएं दे रही हैं। राष्ट्रीय महत्व के आयोजनों में उनकी सक्रिय भागीदारी सशस्त्र बलों में लैंगिक समानता और पेशेवर क्षमता को भी रेखांकित करती है। कैप्टन सोनिया सिंह चौहान की स्वतंत्रता दिवस समारोह में मौजूदगी इसी बदलते परिदृश्य का एक महत्वपूर्ण उदाहरण मानी जा रही है।
अनुशासन और सेवा का प्रतीक बनीं कैप्टन सोनिया सिंह
स्वतंत्रता दिवस जैसे राष्ट्रीय समारोह में लाल किले की प्राचीर पर जिम्मेदारी निभाना किसी भी सैन्य अधिकारी के लिए गर्व का विषय होता है। कैप्टन सोनिया सिंह चौहान ने अपनी शांत, संयमित और अनुशासित उपस्थिति से इस प्रतिष्ठित दायित्व का सफल निर्वहन किया। यही कारण है कि समारोह के बाद वे देशभर में चर्चा का विषय बन गईं और अनेक लोगों ने उनके कार्य की सराहना की।