नई दिल्ली: मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने मंगलवार को नई दिल्ली में केंद्र की मोदी सरकार पर सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के आंकड़ों में 'बाजीगरी' कर देश की वास्तविक आर्थिक स्थिति छिपाने का गंभीर आरोप लगाया है। सरकार द्वारा वित्त वर्ष 2026-27 की पहली (अप्रैल-जून) तिमाही में 7.8 प्रतिशत की जीडीपी वृद्धि दर जारी किए जाने के बाद कांग्रेस ने पलटवार करते हुए कहा कि अगर अर्थव्यवस्था वाकई मजबूत स्थिति में है, तो आम परिवारों को अपना गुजारा चलाने के लिए कर्ज क्यों लेना पड़ रहा है।
जीडीपी गणना की पद्धति में बदलाव पर उठाए सवाल
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट के जरिए दावा किया कि सरकार ने जीडीपी की गणना पद्धति में बार-बार बदलाव करके आंकड़ों को अपने हिसाब से 'सेट' किया है। उन्होंने बताया कि नॉमिनल और रियल जीडीपी के बीच का अंतर केवल 2.3 प्रतिशत दिखाया गया है, जो महंगाई को दर्शाता है, जबकि इसी तिमाही में थोक मूल्य सूचकांक (WPI) आधारित महंगाई 9 प्रतिशत से अधिक रही है। जयराम रमेश ने इसे एक स्पष्ट विसंगति बताते हुए कहा कि सरकार ने जून में नवीनतम अनुमानों से ठीक पहले गणना में WPI के इस्तेमाल से दूरी बना ली थी।
'मेक इन इंडिया' की जगह 'फेक इन इंडिया' का आरोप
कांग्रेस ने सरकार की महत्वाकांक्षी योजना 'मेक इन इंडिया' के 10 साल पूरे होने पर भी सवाल खड़े किए। पार्टी का कहना है कि एक दशक बीत जाने के बावजूद जीडीपी में विनिर्माण (मैन्युफैक्चरिंग) क्षेत्र की हिस्सेदारी 13 प्रतिशत से भी नीचे बनी हुई है। जयराम रमेश ने इसे तंज कसते हुए 'फेक इन इंडिया' करार दिया। वहीं, कांग्रेस नेता सलमान सोज ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि थोक महंगाई करीब 10 प्रतिशत और खुदरा महंगाई 3.9 प्रतिशत है, लेकिन सरकार आंकड़ों को कम करके दिखा रही है।
चीन से व्यापार घाटा और निवेश पर सरकार से तीखे सवाल
सलमान सोज ने सरकार की विदेश व्यापार और निवेश नीतियों पर हमला बोलते हुए कहा कि 'वोकल फॉर लोकल' और 'आत्मनिर्भर भारत' के नारों के बीच चीन के साथ भारत का व्यापार घाटा 112 अरब डॉलर तक पहुंच गया है। इसके अलावा 2018 के बाद से देश में रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार की क्षमता में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई है। कांग्रेस ने सवाल दागा कि ग्रामीण मजदूरी में कोई खास सुधार क्यों नहीं हुआ, निजी निवेश स्थिर क्यों है, जीडीपी के अनुपात में शुद्ध प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) लगभग शून्य क्यों है और युवाओं में बेरोजगारी दर 16 प्रतिशत पर क्यों बनी हुई है?
वैश्विक चिंताओं के बीच सरकार का 7.8% वृद्धि दर का दावा
दूसरी ओर, सरकार द्वारा जारी आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में भारत की अर्थव्यवस्था 7.8 प्रतिशत की दर से बढ़ी है। अमेरिका-ईरान युद्ध और वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच इस वृद्धि दर को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने एक 'असाधारण उपलब्धि' बताया है। हालांकि, यह वृद्धि दर पिछली जनवरी-मार्च तिमाही के 8.6 प्रतिशत से कम है, लेकिन पिछले साल की समान तिमाही के 6.9 प्रतिशत से बेहतर है।