नई दिल्ली: देश के 79वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर शनिवार, 15 अगस्त 2026 को नई दिल्ली स्थित लाल किले पर आयोजित मुख्य सरकारी समारोह का कांग्रेस पार्टी ने लगातार दूसरे वर्ष बहिष्कार किया। रक्षा मंत्रालय की ओर से आमंत्रित किए जाने के बावजूद राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी इस ऐतिहासिक आयोजन में शामिल नहीं हुए।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का बिना नाम लिए विपक्ष पर प्रहार
लाल किले की प्राचीर से देश को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किसी दल का नाम लिए बिना कहा कि देश में कुछ लोग ऐसे हैं जो भारत की प्रगति को देखना नहीं चाहते। उन्होंने कहा कि अत्यधिक निराशा के कारण एक विकृत मानसिकता जन्म लेती है, जो देश के लिए नुकसानदेह साबित होती है। इसके साथ ही प्रधानमंत्री ने संविधान को देश का सही मार्गदर्शन करने वाला स्तंभ बताया।
सीट आवंटन विवाद से शुरू हुआ था बहिष्कार का सिलसिला
उल्लेखनीय है कि वर्ष 2024 के स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान राहुल गांधी को 5वीं पंक्ति में बैठाया गया था। कांग्रेस ने इसे विपक्ष के नेता का अपमान बताते हुए विरोध दर्ज कराया था, जिसके बाद 2025 में भी कांग्रेस नेताओं ने कार्यक्रम का बहिष्कार किया था। रक्षा मंत्रालय ने तब सफाई दी थी कि ओलंपिक पदक विजेताओं को प्राथमिकता देने के कारण सीट आवंटन में बदलाव किया गया था, जबकि कांग्रेस का कहना है कि विपक्ष के नेता को कैबिनेट मंत्री का दर्जा प्राप्त होता है।
अनुपस्थिति पर रक्षा मंत्रालय और कांग्रेस की प्रतिक्रिया
राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे की गैरमौजूदगी पर कांग्रेस की ओर से फिलहाल कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। वहीं, आयोजनकर्ता रक्षा मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार, दोनों सदनों के विपक्ष के नेताओं के लिए प्रोटोकॉल के तहत उचित स्थान पर सीटें आरक्षित रखी गई थीं।