मालदा : पश्चिम बंगाल के मालदा जिले के रतुआ इलाके में स्थित साहणगर कृषि विकास समिति के ‘मिनी बैंक’ में करीब 13 से 14 करोड़ रुपये के गबन का बड़ा मामला सामने आया है। इस मामले में पुलिस ने बीलाइमारी ग्राम पंचायत की प्रधान स्मृतिकणा मंडल और उनके पति अनिल कुमार मंडल को गिरफ्तार कर लिया है। दोनों की गिरफ्तारी के बाद इलाके में भारी आक्रोश देखने को मिला।
परिवार के कब्जे में था पूरा बैंक प्रबंधन
जानकारी के अनुसार, सहकारी समिति के इस मिनी बैंक का संचालन लंबे समय से प्रधान के परिवार के नियंत्रण में था। मुख्य आरोपी अनिल कुमार मंडल पहले बैंक के मैनेजर थे। बाद में उनके बेटे को मैनेजर और भतीजे को कैशियर बना दिया गया। आरोप है कि इसी नेटवर्क के जरिए करोड़ों रुपये की हेराफेरी की गई।
5 हजार किसानों और ग्रामीणों की जमा राशि फंसी
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस मिनी बैंक में करीब 5,000 किसानों और ग्रामीणों की मेहनत की कमाई जमा थी। लगभग एक साल पहले अचानक बैंक पर ताला लग गया और समिति के कई सदस्य फरार हो गए। इसके बाद से ही निवेशक लगातार अपनी जमा राशि वापस पाने के लिए संघर्ष कर रहे थे।
शिकायत के बाद हरकत में आई पुलिस
बताया जा रहा है कि 14 मई को एक स्थानीय निवासी द्वारा लिखित शिकायत दर्ज कराने के बाद पुलिस ने जांच तेज की। गुरुवार रात पुलिस ने मुख्य आरोपी अनिल कुमार मंडल और पंचायत प्रधान स्मृतिकणा मंडल को गिरफ्तार कर लिया।
कोर्ट ले जाते समय लगे ‘चोर-चोर’ के नारे
गिरफ्तारी की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में निवेशक थाने के बाहर जमा हो गए। जब पुलिस आरोपियों को अदालत ले जा रही थी, तब गुस्साए लोगों ने ‘चोर-चोर’ के नारे लगाए। इलाके में फिलहाल तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है।
बेटे और भतीजे समेत कई आरोपी फरार
पुलिस के मुताबिक, मामले में परिवार के अन्य सदस्य भी आरोपी हैं। प्रधान के बेटे और भतीजे समेत कई लोग अभी फरार बताए जा रहे हैं। पुलिस उनकी तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है।