नई दिल्ली। NEET UG 2026 पेपर लीक मामले में केंद्रीय जांच एजेंसी CBI ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक और कथित मास्टरमाइंड को गिरफ्तार किया है। एजेंसी ने महाराष्ट्र के पुणे की वरिष्ठ बॉटनी लेक्चरार मनीषा गुरुनाथ मंधारे को दिल्ली से गिरफ्तार किया है। CBI के अनुसार आरोपी महिला परीक्षा प्रक्रिया से सीधे जुड़ी हुई थी और उसे NTA की ओर से विषय विशेषज्ञ नियुक्त किया गया था। मामले में यह गिरफ्तारी बेहद अहम मानी जा रही है, क्योंकि जांच एजेंसी को शक है कि बायोलॉजी सेक्शन के प्रश्नपत्र बाहर पहुंचाने में उसकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। इस गिरफ्तारी के बाद अब NEET UG 2026 पेपर लीक केस में कुल गिरफ्तार आरोपियों की संख्या बढ़कर 9 हो गई है।
NTA की विशेषज्ञ होने के कारण प्रश्नपत्रों तक थी सीधी पहुंच
जांच एजेंसी के मुताबिक मनीषा मंधारे को नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने बायोलॉजी विषय विशेषज्ञ के रूप में नियुक्त किया था। ऐसे में उन्हें वनस्पति विज्ञान और प्राणी विज्ञान के प्रश्नपत्रों तक सीधी पहुंच हासिल थी। CBI को शक है कि इसी एक्सेस का इस्तेमाल करते हुए प्रश्नपत्र लीक किए गए। एजेंसी अब यह पता लगाने में जुटी है कि पेपर किन माध्यमों से बाहर पहुंचाया गया और इसमें कौन-कौन लोग शामिल थे।
दिल्ली में घंटों पूछताछ के बाद हुई गिरफ्तारी
सूत्रों के अनुसार CBI ने आरोपी महिला से दिल्ली में लंबी पूछताछ की। पूछताछ के दौरान मिले इनपुट और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर एजेंसी ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। बताया जा रहा है कि जांच एजेंसी को कई इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस और संदिग्ध संपर्कों की जानकारी मिली है, जिनकी अब फॉरेंसिक जांच कराई जाएगी। CBI इस पूरे नेटवर्क की परतें खोलने में जुटी हुई है।
देशभर में फैले नेटवर्क की जांच कर रही CBI
CBI अब इस मामले को सिर्फ एक लीक तक सीमित नहीं मान रही है। एजेंसी को आशंका है कि इसमें कई राज्यों तक फैला संगठित नेटवर्क शामिल हो सकता है। जांच टीम अलग-अलग राज्यों में छापेमारी कर रही है और उन लोगों की पहचान की जा रही है, जिन्होंने परीक्षा से पहले छात्रों तक प्रश्नपत्र पहुंचाने में भूमिका निभाई। आने वाले दिनों में कई और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।
NEET परीक्षा की विश्वसनीयता पर उठे सवाल
NEET UG देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा मानी जाती है, जिसमें लाखों छात्र हिस्सा लेते हैं। ऐसे में पेपर लीक की घटनाओं ने परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता और सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। छात्र और अभिभावक लगातार इस मामले में सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। वहीं केंद्र सरकार और NTA भी परीक्षा प्रक्रिया को और सुरक्षित बनाने के लिए नए उपायों पर काम कर रहे हैं।
जांच के दायरे में कई और लोग
CBI अधिकारियों के मुताबिक गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ के बाद कई और नाम सामने आए हैं। एजेंसी अब उन लोगों की भूमिका की जांच कर रही है, जो परीक्षा प्रक्रिया, प्रश्नपत्र तैयार करने या वितरण प्रणाली से जुड़े थे। जांच एजेंसी का कहना है कि पूरे नेटवर्क का खुलासा होने तक कार्रवाई जारी रहेगी और दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।