नई दिल्ली: ट्रेनों में आग लगने की घटनाओं पर पूरी तरह अंकुश लगाने और यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए रेलवे बोर्ड ने रात के समय मोबाइल चार्जिंग पॉइंट बंद रखने के नियम को और अधिक कड़ाई से लागू करने का निर्देश दिया है। हाल ही में दक्षिण-पूर्व रेलवे (SER) में चार्जिंग के दौरान एक यात्री के पावर बैंक में विस्फोट और उससे निकले धुएं की गंभीर घटना के बाद रेलवे प्रशासन ने यह कदम उठाया है। 26 अक्टूबर 2026 को रेलवे बोर्ड द्वारा जारी आधिकारिक पत्र में सभी जोनल रेलवे को साफ हिदायत दी गई है कि इस समयसीमा के दौरान चार्जिंग पॉइंट बंद रखने में किसी भी तरह की ढिलाई या छूट बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
हालिया हादसे के बाद रेलवे बोर्ड का कड़ा रुख
रेलवे बोर्ड द्वारा जारी पत्र के अनुसार, दक्षिण-पूर्व रेलवे के अंतर्गत चलने वाली एक ट्रेन में ऑन-बोर्ड कर्मचारियों ने निर्धारित समय पर मोबाइल चार्जिंग पॉइंट्स की बिजली आपूर्ति बंद नहीं की थी। इसी दौरान एक यात्री द्वारा चार्ज पर लगाया गया पावर बैंक अत्यधिक गर्म होकर फट गया और उससे भारी धुआं निकलने लगा। समय रहते सतर्कता बरतने से एक बड़ा हादसा टल गया, लेकिन इस घटना ने ट्रेन में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए। इसी के मद्देनजर रेलवे बोर्ड के विद्युत इंजीनियरिंग विभाग के विशेष कार्य अधिकारी (OSD) शोभित गुप्ता ने सभी जोनल रेलवे के प्रमुख मुख्य मैकेनिकल इंजीनियरों (PCME) को तुरंत सुधारात्मक उपाय सुनिश्चित करने के निर्देश भेजे हैं।
2014 के दिशा-निर्देशों को सख्ती से लागू करने का आदेश
रेलवे बोर्ड ने अपने पत्र में 19 जून 2014 को जारी पूर्व आदेश (पत्र संख्या: 2000/Elect(G)/113/4/safety) का हवाला दिया। दरअसल, अधिकांश यात्री रात के समय गैजेट्स चार्ज पर लगाकर सो जाते हैं, जिससे ओवरहीटिंग, शॉर्ट सर्किट या उपकरण खराब होने पर आग लगने का भारी जोखिम बना रहता है। इसी खतरे को टालने के लिए रात 11:00 बजे से सुबह 05:00 बजे तक सभी कोचों में चार्जिंग पॉइंट्स का मुख्य स्विच बंद रखने की व्यवस्था बनाई गई थी। रेलवे बोर्ड ने निर्देश दिया है कि संबंधित ऑन-बोर्ड स्टाफ को इस नियम का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित करने के लिए दोबारा प्रशिक्षित और सतर्क किया जाए।
अधिकारियों और पर्यवेक्षकों की औचक जांच
नियम का अनुपालन कागजों तक सीमित न रहे, इसके लिए रेलवे बोर्ड ने वरिष्ठ अधिकारियों और पर्यवेक्षक (सुपरवाइजर) स्तर पर ट्रेनों में औचक निरीक्षण (Surprise Inspection) करने का आदेश दिया है। निरीक्षण दल नियमित रूप से यह जांचेंगे कि रात 11 बजते ही कोच अटेंडेंट या संबंधित तकनीकी स्टाफ ने चार्जिंग सॉकेट्स की बिजली बंद की है या नहीं। यदि किसी भी ट्रेन में निर्धारित अवधि के दौरान सॉकेट चालू पाए गए, तो संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ सख्त विभागीय कार्रवाई की जाएगी।