प्रदेश में बढ़ती उत्पादन लागत और गैस आपूर्ति संकट के बीच श्रम विभाग की उच्च स्तरीय बैठक में बड़ा फैसला लिया गया है। उद्योगों पर बढ़ते दबाव को देखते हुए सरकार ने सप्ताह में दो दिन वर्क फ्रॉम होम व्यवस्था लागू करने और कार्यालयों को अलग-अलग शिफ्ट में संचालित करने का निर्णय लिया है। सरकार जल्द ही इस संबंध में विस्तृत गाइडलाइन जारी करेगी।
गैस संकट से बढ़ी उद्योगों की चिंता
अधिकारियों के मुताबिक गैस आपूर्ति प्रभावित होने की वजह से कई उद्योगों की उत्पादन लागत तेजी से बढ़ी है। इसका असर रोजगार और उत्पादन दोनों पर पड़ रहा है। बैठक में कहा गया कि अगर हालात लंबे समय तक बने रहे तो कई उद्योगों में नौकरियों पर संकट गहरा सकता है। ऐसे में ऊर्जा बचत और संसाधनों के बेहतर उपयोग के लिए यह कदम उठाया गया है।
सप्ताह में दो दिन वर्क फ्रॉम होम
बैठक में तय किया गया कि कई सरकारी और निजी कार्यालयों में कर्मचारियों को सप्ताह में दो दिन घर से काम करने की सुविधा दी जाएगी। इससे ईंधन की खपत कम होगी और कार्यालयों में बिजली उपयोग पर भी नियंत्रण रखा जा सकेगा।
अलग-अलग शिफ्ट में खुलेंगे कार्यालय
सरकार ने यह भी फैसला लिया है कि भीड़ और ऊर्जा खपत कम करने के लिए कार्यालयों और फैक्ट्रियों को अलग-अलग समय की शिफ्ट में संचालित किया जाएगा। अधिकारियों का मानना है कि इससे बिजली और गैस पर दबाव कम होगा, साथ ही यातायात और ईंधन खपत में भी कमी आएगी।
जल्द जारी होगी गाइडलाइन
श्रम विभाग के अनुसार नई व्यवस्था को लेकर विस्तृत दिशा-निर्देश तैयार किए जा रहे हैं। इसमें वर्क फ्रॉम होम की प्रक्रिया, शिफ्ट टाइमिंग और ऊर्जा बचत से जुड़े नियम शामिल होंगे।