कोलकाता: तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और डायमंड हार्बर से सांसद अभिषेक बनर्जी मंगलवार, 1 सितंबर को कोलकाता पुलिस के सामने पेश हुए। कैमैक स्ट्रीट स्थित उनके कार्यालय से पार्टी के चिह्न वाला कथित अनधिकृत होर्डिंग हटाने के दौरान हुई झड़प के मामले में पुलिस ने उन्हें नोटिस जारी कर पूछताछ के लिए बुलाया था।
दोपहर करीब सवा 12 बजे थाने पहुंचे अभिषेक
अभिषेक बनर्जी करीब दोपहर 12:15 बजे शेक्सपियर सरणी पुलिस थाने पहुंचे। उनके थाने पहुंचने के दौरान समर्थकों की भीड़ भी मौजूद रही और समर्थकों ने नारेबाजी की। पुलिस ने मामले से जुड़े घटनाक्रम और दर्ज प्राथमिकी के आधार पर उनसे पूछताछ की।
27 अगस्त को हुई थी पुलिस और समर्थकों में झड़प
मामला 27 अगस्त का है, जब कोलकाता नगर निगम और पुलिस की टीम कैमैक स्ट्रीट स्थित अभिषेक बनर्जी के कार्यालय की इमारत पर लगे तृणमूल कांग्रेस के चिह्न वाले होर्डिंग को हटाने पहुंची थी। इसी दौरान अभिषेक के निजी सुरक्षा कर्मियों, समर्थकों और पार्टी नेताओं की पुलिस तथा केएमसी अधिकारियों से तीखी बहस और झड़प हो गई थी।
तीन FIR दर्ज, दो में अभिषेक बनर्जी आरोपी
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, पूरे घटनाक्रम को लेकर तीन प्राथमिकी दर्ज की गई हैं। इनमें से दो मामलों में अभिषेक बनर्जी को आरोपी बनाया गया है। एफआईआर में तृणमूल के वरिष्ठ नेता डेरेक ओ'ब्रायन और पूर्व विधायक हुमायूं कबीर समेत अन्य लोगों के नाम भी शामिल हैं।
होर्डिंग हटाने के दौरान बढ़ा था विवाद
पुलिस और नगर निगम की टीम का कहना था कि इमारत की ऊपरी मंजिल पर सड़क की ओर लगे होर्डिंग को हटाने की कार्रवाई की जा रही थी। पुलिस की मौजूदगी में अधिकारी इमारत के अंदर पहुंचे, जिसके बाद केएमसी कर्मचारियों ने होर्डिंग और उसके ढांचे को हटाया।
टीएमसी ने पुलिस कार्रवाई पर उठाए सवाल
दूसरी ओर, तृणमूल कांग्रेस ने पुलिस और नगर निगम की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। डेरेक ओ'ब्रायन ने आरोप लगाया था कि पुलिस कथित तौर पर अवैध नोटिस के आधार पर पार्टी कार्यालय में दाखिल हुई और नेताओं, समर्थकों तथा कर्मचारियों के साथ दुर्व्यवहार किया। हालांकि, पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है और मामले में शामिल लोगों की भूमिका तय करने के लिए उपलब्ध साक्ष्यों को खंगाला जा रहा है।