कोलकाता: पश्चिम बंगाल में अन्नपूर्णा योजना की राशि को लेकर लाभार्थियों की नाराजगी अब सड़कों पर दिखाई देने लगी है। कई इलाकों में लोगों ने ₹3,000 की आर्थिक सहायता नहीं मिलने का आरोप लगाते हुए विरोध-प्रदर्शन किया। इसी बीच पंचायत मंत्री दिलीप घोष ने इस पूरे विवाद को लेकर तृणमूल कांग्रेस पर निशाना साधा है।
‘हर किसी को सरकारी योजना का लाभ नहीं मिल सकता’
दिलीप घोष ने कहा कि किसी भी सरकारी योजना का लाभ लेने के लिए कुछ तय नियम और पात्रता होती है। अन्नपूर्णा योजना में भी उन्हीं लोगों को राशि दी जाएगी, जो निर्धारित मानदंडों को पूरा करते हैं। उन्होंने साफ कहा कि सरकार हर व्यक्ति को आर्थिक सहायता नहीं दे सकती।
लक्ष्मी भंडार को लेकर TMC पर हमला
अन्नपूर्णा योजना को लेकर हो रहे विरोध पर दिलीप घोष ने तृणमूल कांग्रेस की पिछली सरकार पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि लक्ष्मी भंडार के जरिए लोगों को लगातार सरकारी आर्थिक सहायता दी गई, जिससे सरकारी योजनाओं से पैसा मिलने की आदत बन गई। इसी वजह से अब दूसरी योजनाओं में भी लोग तत्काल आर्थिक मदद की उम्मीद कर रहे हैं।
17 अगस्त से शुरू होना था भुगतान
अन्नपूर्णा योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को 17 अगस्त से ₹3,000 की राशि दिए जाने की बात कही गई थी। हालांकि, कई लाभार्थियों का दावा है कि तय तारीख के बाद भी उनके बैंक खातों में पैसा नहीं पहुंचा। इसके बाद गुरुवार से राज्य के अलग-अलग हिस्सों में प्रदर्शन और विरोध की स्थिति देखने को मिली।
मेदिनीपुर में अग्निमित्रा पॉल के सामने भी विरोध
अन्नपूर्णा योजना को लेकर शुक्रवार को मेदिनीपुर में भी महिलाओं ने अपनी नाराजगी जाहिर की। शहरी विकास मंत्री अग्निमित्रा पॉल के सामने महिलाओं ने योजना की राशि नहीं मिलने की शिकायत रखी। उन्होंने प्रदर्शनकारियों को संबंधित प्रशासनिक कार्यालय में लिखित शिकायत देने की सलाह दी।
एसडीओ कार्यालय में शिकायत देने की सलाह
अग्निमित्रा पॉल ने कहा कि जिन लोगों को योजना का लाभ नहीं मिला है, वे अपनी शिकायत एसडीओ कार्यालय में दर्ज करा सकते हैं। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि आवेदन और दस्तावेजों की जांच तथा प्रक्रिया पूरी होने में कुछ समय लग सकता है।
लाभार्थियों के चयन पर भी उठे सवाल
अग्निमित्रा पॉल ने अन्नपूर्णा योजना के लाभार्थियों के चयन को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ जगहों पर योग्य लोगों की जगह अयोग्य लोगों के नाम शामिल किए जा रहे हैं। उनका कहना है कि इस तरह की शिकायतों को गंभीरता से लिया जाएगा और पूरे मामले की जानकारी मुख्यमंत्री तक पहुंचाई जाएगी।