मुख्यमंत्री के रूप में कार्यभार संभालने के बाद शुभेंदु अधिकारी ने अपने पहले जिला दौरे की शुरुआत डायमंड हार्बर से की। यह इलाका अभिषेक बनर्जी का लोकसभा क्षेत्र माना जाता है। दौरे के दौरान उन्होंने जिले के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों से लेकर सभी थानों के पुलिस अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक की।
सागरिका टूरिस्ट लॉज में प्रशासनिक बैठक
‘सागरिका’ सरकारी टूरिस्ट लॉज में आयोजित इस बैठक में दक्षिण 24 परगना के जिलाधिकारी, डायमंड हार्बर पुलिस जिले के पुलिस अधीक्षक और अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल रहे। बैठक के दौरान मुख्य सचिव मनोज कुमार अग्रवाल भी मौजूद रहे। प्रशासनिक स्तर पर क्षेत्र की स्थिति और विभिन्न मुद्दों पर विस्तृत चर्चा हुई।
कानून-व्यवस्था पर फोकस और सख्त निर्देश
मुख्यमंत्री के रूप में शुभेंदु अधिकारी ने जिले की कानून-व्यवस्था को लेकर विशेष समीक्षा की। क्षेत्र में पहले से उठ रहे सवालों और मतदान के बाद हिंसा के आरोपों को देखते हुए बैठक को अहम माना जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, अवैध घुसपैठ, चुनाव बाद हिंसा और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े कई मुद्दों पर सख्त निर्देश दिए जाने की संभावना जताई गई है।
तृणमूल विधायक से मुलाकात नहीं
डायमंड हार्बर के तृणमूल विधायक पन्नालाल हलदर मुख्यमंत्री से मिलने पहुंचे थे, लेकिन उनकी शुभेंदु अधिकारी से मुलाकात नहीं हो सकी। इसके बाद वे बिना मुलाकात किए वापस लौट गए। इस घटनाक्रम ने राजनीतिक हलकों में हलचल और बढ़ा दी है।
राजनीतिक सरगर्मी तेज, भाजपा कार्यक्रम भी तय
इधर फलता विधानसभा क्षेत्र में आगामी चुनाव को देखते हुए राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। प्रशासनिक बैठक के बाद इसी क्षेत्र में भाजपा की कार्यकर्ता सभा भी प्रस्तावित है, जिसमें मुख्य वक्ता मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी होंगे। इसके बाद उनके नंदीग्राम जाने का भी कार्यक्रम तय है।
नंदीग्राम और भवानीपुर को लेकर बड़ा बयान
शुभेंदु अधिकारी ने नंदीग्राम और भवानीपुर दोनों सीटों से जीत हासिल की थी, लेकिन नियम के अनुसार उन्होंने नंदीग्राम सीट छोड़ दी। इसके बावजूद उन्होंने कहा है कि वे नंदीग्राम के विकास और जिम्मेदारी को खुद संभालेंगे। उन्होंने कहा, “मैं नंदीग्राम के लोगों को यह महसूस नहीं होने दूंगा कि मैं उनका विधायक नहीं हूं। चुनाव के दौरान किए गए सभी विकास वादों को मैं स्वयं जिम्मेदारी लेकर पूरा करूंगा।”