NEET-UG 2026 परीक्षा से जुड़े पेपर लीक मामले में राजस्थान पुलिस की स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप (SOG) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अब तक 15 लोगों को हिरासत में लिया है। जांच में सीकर को इस पूरे रैकेट का प्रमुख केंद्र माना जा रहा है, जहां से कथित तौर पर इस नेटवर्क का संचालन किया जा रहा था।
मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी और नेटवर्क का खुलासा
इस मामले में मुख्य संदिग्ध मनीष यादव को जयपुर से गिरफ्तार किया गया है। पुलिस का दावा है कि वह इस पूरे रैकेट का अहम कड़ी है, जो अलग-अलग राज्यों में फैले नेटवर्क को संचालित कर रहा था। जांच एजेंसियों ने यह भी पाया है कि यह गिरोह कई कोचिंग सेंटरों के जरिए छात्रों तक पहुंच बना रहा था।
व्हाट्सऐप से फैला ‘गेस पेपर’ बना जांच का आधार
जांच में सामने आया है कि परीक्षा से पहले एक हस्तलिखित “गेस पेपर” व्हाट्सऐप के जरिए तेजी से फैलाया गया था। हैरान करने वाली बात यह है कि इसमें शामिल कई सवाल असली परीक्षा से मेल खाते पाए गए, जिससे पेपर लीक की आशंका और मजबूत हो गई है।
कई राज्यों तक फैला नेटवर्क, अब तक 9 से ज्यादा गिरफ्तारियां
इस पूरे मामले की जांच में अब तक पांच राज्यों में कार्रवाई की जा चुकी है और कम से कम नौ लोगों को औपचारिक रूप से गिरफ्तार किया गया है। अधिकारियों का मानना है कि यह एक संगठित अंतरराज्यीय गिरोह है।
MBBS छात्र से जुड़ रहा कनेक्शन, जांच तेज
प्रारंभिक जांच में संकेत मिले हैं कि इस लीक की शुरुआत एक MBBS छात्र से जुड़ी हो सकती है, जिसके संपर्क राजस्थान और केरल तक फैले हुए थे। इसके बाद यह सामग्री सीकर के कोचिंग नेटवर्क के जरिए छात्रों तक पहुंचाई गई।
₹5 लाख में बेचा गया था पूरा प्रश्न सेट
सूत्रों के अनुसार लगभग 410 सवालों वाला यह सेट शुरुआती स्तर पर करीब 5 लाख रुपये में बेचा गया था। जांच एजेंसियां अब इस पूरे आर्थिक नेटवर्क और लेन-देन की कड़ियों को जोड़ने में जुटी हैं।
जांच जारी, और गिरफ्तारियों की संभावना
राजस्थान SOG और SIT की संयुक्त टीमें इस मामले की गहन जांच कर रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में इस पेपर लीक रैकेट से जुड़े और बड़े खुलासे और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।