पश्चिम बंगाल : में 'क्रेता सुरक्षा सप्ताह' (उपभोक्ता संरक्षण सप्ताह) के तहत मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के निर्देशों के बाद राज्य खाद्य सुरक्षा विभाग, स्थानीय नगर पालिका और पुलिस की संयुक्त टीमों ने मंगलवार को उत्तर 24 परगना जिले के बदूरिया और मध्यमाग्राम समेत कई इलाकों में बड़े पैमाने पर छापेमारी की। इस कार्रवाई के दौरान प्रसिद्ध रेस्तरां और शॉपिंग मॉल के फूड कोर्ट से कई किलोग्राम सड़ा हुआ, दुर्गंधयुक्त और फंगस लगा मांस बरामद किया गया है। खाद्य सुरक्षा अधिकारियों द्वारा की गई इस सख्त कार्रवाई ने राज्य में साल 2018 के चर्चित 'भागार कांड' (सड़े-गले शवों के मांस की तस्करी) की भयावह यादों को एक बार फिर ताजा कर दिया है।
बदूरिया के प्रसिद्ध रेस्तरां में मिला 40 किलो सड़ा मांस
मंगलवार को प्रशासन की टीम ने उत्तर 24 परगना के बदूरिया स्थित दीदीमणि रोड पर मौजूद एक नामी रेस्तरां में छापेमारी की। रेस्तरां के रसोईघर से लगभग 40 किलोग्राम सड़ा हुआ मुर्गे और बकरे का मिला-जुला मांस बरामद हुआ। हालांकि रेस्तरां कर्मियों ने दावा किया कि यह मांस फेंकने के लिए अलग रखा गया था, लेकिन खाद्य सुरक्षा अधिकारी इस जवाब से संतुष्ट नहीं हुए। प्रशासन ने संबंधित रेस्तरां को नोटिस जारी करते हुए 24 घंटे के भीतर स्पष्टीकरण मांगा है और जवाब न मिलने पर रेस्तरां को पूरी तरह से बंद करने की चेतावनी दी है।
मध्यमाग्राम के स्टार मॉल में फंगस लगा मांस और एक्सपायरी फूड जब्त
उत्तर 24 परगना के ही मध्यमाग्राम में स्थित स्टार मॉल में तीसरे और चौथे माले पर बने कई फूड कोर्ट में अधिकारियों ने अचानक दबिश दी। जांच के दौरान अधिकारियों को फ्रिज में तीन-तीन दिनों से रखा हुआ फंगस लगा कच्चा मांस, एक्सपायरी डेट के खाद्य पैकेट और पेय पदार्थ मिले। अधिकारियों को देखते ही कुछ कर्मचारियों ने घटिया सामग्री को डस्टबिन में फेंकने की कोशिश भी की। नियमों का उल्लंघन करने और अनहाइजीनिक खाना बेचने पर खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने मौके पर ही कई फूड कोर्ट मालिकों के ट्रेड लाइसेंस रद्द कर दिए।

बर्धमान के शक्तिगढ़ लैंगचा हब पर भी खाद्य विभाग की गाज
खाद्य सुरक्षा विभाग की यह कार्रवाई केवल उत्तर 24 परगना तक सीमित नहीं रही। पूर्व बर्धमान जिले के प्रसिद्ध शक्तिगढ़ स्थित 'लैंगचा हब' में भी अधिकारियों की टीम ने कई प्रसिद्ध मिठाई दुकानों, होटलों और ढाबों पर छापेमारी की। खाद्य पदार्थों को बनाने, उनके भंडारण (स्टोरेज) और परोसने में भारी कमियां पाई गईं, जिसके बाद अधिकारियों ने मौके पर ही खराब हो चुके खाद्य सामग्रियों को नष्ट करने का आदेश दिया।
सरकार की 'जीरो टॉलरेंस' नीति और राजनीतिक प्रतिक्रिया
न्यू मार्केट (हॉग मार्केट) परिसर से 'क्रेता सुरक्षा सप्ताह' का शुभारंभ करते हुए मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने साफ किया था कि राज्य सरकार सब्जियों में जहरीले रंगों के इस्तेमाल, माप-तौल में धोखाधड़ी और मिलावटखोरी जैसे अस्वास्थ्यकर कारोबार के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' नीति अपनाएगी। इस बीच स्थानीय भाजपा नेता संजय घोष ने कहा कि पिछली तृणमूल सरकार के समय से ही कुछ होटल और रेस्तरां गैर-कानूनी तरीके से ऐसा कारोबार कर रहे थे। उन्होंने कहा कि सत्ता बदलने के बाद भी इन कारोबारियों की आदतें नहीं बदली हैं और मुख्यमंत्री के कड़े निर्देशों के बावजूद ऐसा काम करने वालों के खिलाफ सख्त से सख्त सजा होनी चाहिए।