कोलकाता: पश्चिम बंगाल के उच्च शिक्षा मंत्री जगन्नाथ चट्टोपाध्याय ने कॉलेज और विश्वविद्यालयों में शिक्षकों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने पर जोर दिया है। उन्होंने कहा कि कोरोना के बाद कई शिक्षक नियमित रूप से संस्थानों में नहीं आ रहे हैं। कुछ शिक्षक सप्ताह में केवल दो-तीन दिन ही कॉलेज या विश्वविद्यालय पहुंच रहे हैं।
शिक्षकों की पूरी जानकारी सरकार के पास
मंत्री ने कहा कि किस विश्वविद्यालय में कितने शिक्षक नियमित रूप से आ रहे हैं और कितने अनुपस्थित रहते हैं, इसका पूरा हिसाब सरकार के पास है। सरकार का लक्ष्य शिक्षकों को फिर से नियमित रूप से शिक्षा संस्थानों में लाना है, ताकि पढ़ाई का माहौल मजबूत हो सके।
शिक्षक संगठनों को लेकर कुलपतियों को चेतावनी
जगन्नाथ चट्टोपाध्याय ने कुलपतियों से कहा कि यदि कोई प्रोफेसर मंच या शिक्षक संगठन शिक्षकों से काम करवाने में बाधा पैदा करता है, तो इसकी जानकारी सीधे सरकार को दी जाए। ऐसे मामलों में कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि शिक्षकों को नियमित रूप से कक्षाएं लेनी ही होंगी।
'200-300 किलोमीटर दूर से आने का बहाना नहीं चलेगा'
मंत्री ने कहा कि 200-300 किलोमीटर दूर से आने की वजह बताकर सप्ताह में केवल एक-दो दिन कॉलेज या विश्वविद्यालय आना स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कुलपतियों से संस्थान के प्रमुख के तौर पर सख्ती से व्यवस्था लागू करने को कहा, ताकि विकास भवन को हस्तक्षेप करने की जरूरत न पड़े।
शिक्षकों के बाद छात्रों की नियमित कक्षाओं पर फोकस
मंत्री ने कहा कि कॉलेज और विश्वविद्यालयों में शिक्षकों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित होने के बाद ही छात्रों को भी नियमित कक्षाओं में वापस लाना संभव होगा। सरकार का उद्देश्य उच्च शिक्षा संस्थानों में पढ़ाई की पुरानी और नियमित शैक्षणिक संस्कृति को मजबूत करना है।
NEP 2020 होगी लागू
जगन्नाथ चट्टोपाध्याय ने कहा कि पश्चिम बंगाल में राष्ट्रीय शिक्षा नीति यानी NEP 2020 को लागू किया जाएगा। विश्वविद्यालयों के पाठ्यक्रमों में एकरूपता लाने और पठन-पाठन की गुणवत्ता बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
निजी कॉलेजों को भी पढ़ाई सुनिश्चित करने के निर्देश
मंत्री ने निजी कॉलेजों को भी यह सुनिश्चित करने को कहा कि संस्थानों में नियमित रूप से पढ़ाई हो। उन्होंने कहा कि शिक्षा संस्थानों में शिक्षा और अकादमिक गतिविधियां ही प्राथमिकता होनी चाहिए और इसके लिए जरूरी बुनियादी ढांचा भी तैयार किया जाना चाहिए।
शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाना सरकार का लक्ष्य
उन्होंने कहा कि पूरे पश्चिम बंगाल में उच्च शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए सरकार काम करेगी। कुलपतियों को संस्थागत स्तर पर प्रभावी फैसले लेने और उन्हें लागू करने की जिम्मेदारी निभानी होगी।