कोलकाता: पश्चिम बंगाल में महज 24 घंटे के भीतर दो अलग-अलग पुलिस मुठभेड़ों में दो आरोपियों की मौत हो गई। पुलिस के मुताबिक, दोनों मामलों में आरोपियों को अपराध की जगह पर घटनाक्रम दोहराने के लिए ले जाया गया था। इसी दौरान उन्होंने पुलिसकर्मियों के हथियार छीनकर भागने और गोली चलाने की कोशिश की, जिसके बाद जवाबी फायरिंग में उनकी मौत हो गई। इनमें एक आरोपी नाबालिग छात्रा से दुष्कर्म और हत्या के मामले में, जबकि दूसरा बीजेपी कार्यकर्ता सुजीत मंडल की हत्या के मामले में गिरफ्तार था।
उत्तर 24 परगना: नाबालिग छात्रा से दुष्कर्म और हत्या के आरोपी की मौत
उत्तर 24 परगना जिले में 23 वर्षीय प्रह्लाद दास को 13 वर्षीय छात्रा से कथित दुष्कर्म और हत्या के मामले में गिरफ्तार किया गया था। पुलिस के अनुसार, 11वीं कक्षा में पढ़ने वाली छात्रा शनिवार को लापता हो गई थी। रविवार को उसका शव पड़ोसी के घर के पास मिला, जिसके बाद पुलिस ने जांच शुरू की और दास को गिरफ्तार किया।
घटनास्थल से लौटते समय हथियार छीनने का आरोप
पुलिस का कहना है कि सोमवार देर रात आरोपी को घटनास्थल पर ले जाया गया था, ताकि अपराध से जुड़ी परिस्थितियों को दोबारा समझा जा सके। लौटते समय उसने एक पुलिस अधिकारी की सर्विस रिवॉल्वर छीन ली और पुलिस टीम पर गोली चला दी। इसके बाद पुलिसकर्मियों ने जवाबी फायरिंग की, जिसमें दास घायल हो गया। उसे बोनगांव सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। मामले में शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।
मुर्शिदाबाद: बीजेपी कार्यकर्ता सुजीत मंडल की हत्या के आरोपी की मौत
दूसरी मुठभेड़ मुर्शिदाबाद जिले के समशेरगंज इलाके में हुई। यहां बीजेपी कार्यकर्ता सुजीत मंडल की हत्या के आरोपी समाउल शेख की पुलिस फायरिंग में मौत हो गई। सुजीत मंडल का क्षत-विक्षत शव 28 अगस्त को मिलने के बाद हत्या का मामला सामने आया था। इस मामले में शेख समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया था।
CID टीम के साथ घटनास्थल पर गया था आरोपी
पुलिस के मुताबिक, क्राइम सीन री-कंस्ट्रक्शन के लिए शेख को घटनास्थल पर ले जाया गया था। इसी दौरान उसने कथित तौर पर पुलिसकर्मी का हथियार छीनने और भागने की कोशिश की। जवाबी गोलीबारी में वह घायल हो गया। उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। जंगीपुर के पुलिस अधीक्षक सुरिंदर सिंह के अनुसार, मामले की जांच CID कर रही है। शव को पोस्टमार्टम के लिए जंगीपुर सब-डिविजनल अस्पताल भेजा गया।
जुलाई में भी हुई थी ऐसी ही मुठभेड
पश्चिम बंगाल में इस तरह की घटना पहली बार नहीं हुई है। इससे पहले 8 जुलाई को दक्षिण 24 परगना के बारुईपुर में एक नाबालिग लड़की की दुष्कर्म और हत्या के आरोपी प्रबास मंडल की पुलिस मुठभेड़ में मौत हुई थी। उस मामले में भी पुलिस ने दावा किया था कि घटनास्थल पर ले जाने के दौरान आरोपी ने पुलिसकर्मी का हथियार छीनकर गोली चलाने की कोशिश की थी।
मुठभेड़ों पर राजनीतिक बयानबाजी तेज
इन घटनाओं के बाद राज्य में राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आई हैं। बीजेपी नेता और राज्य के पूर्व बीजेपी अध्यक्ष दिलीप घोष ने कहा कि ऐसी कार्रवाई से अपराधियों के मन में डर पैदा होगा। वहीं, तृणमूल कांग्रेस सांसद सौगत राय ने सरकार से पूरे मामले पर स्पष्ट जवाब देने और जांच कराने की मांग की।
जांच और जवाबदेही पर भी उठे सवाल
दोनों घटनाओं में पुलिस का दावा है कि आरोपियों ने हथियार छीनकर हमला करने की कोशिश की, जिसके बाद जवाबी गोलीबारी हुई। हालांकि, मुठभेड़ों से जुड़े तथ्यों और परिस्थितियों की स्वतंत्र पुष्टि जरूरी है। खासकर तब, जब दोनों मामलों में आरोपियों की मौत पुलिस हिरासत के दौरान हुई है।