मुंबई। घरेलू शेयर बाजार में मंगलवार को लगातार दूसरे दिन बड़ी गिरावट दर्ज की गई। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव, कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता के चलते निवेशकों ने जमकर बिकवाली की। सेंसेक्स 1456.04 अंक टूटकर 74,559.24 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 436.30 अंक गिरकर 23,379.55 के स्तर पर पहुंच गया। वहीं डॉलर के मुकाबले रुपया भी रिकॉर्ड निचले स्तर 95.63 पर पहुंच गया।
लगातार दूसरे दिन बाजार में भारी बिकवाली
मंगलवार को बाजार खुलते ही कमजोरी देखने को मिली। दिनभर बिकवाली का दबाव बना रहा, जिससे निवेशकों को भारी नुकसान उठाना पड़ा। बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों का कुल मार्केट कैप करीब 10 लाख करोड़ रुपये घटकर 457 लाख करोड़ रुपये रह गया।
आईटी और रियल्टी सेक्टर सबसे ज्यादा टूटे
बाजार में आई गिरावट का सबसे ज्यादा असर आईटी और रियल्टी शेयरों पर पड़ा।
निफ्टी रियल्टी इंडेक्स 4 प्रतिशत से ज्यादा टूटा
निफ्टी आईटी इंडेक्स में 3 प्रतिशत से अधिक गिरावट
ऑटो, मीडिया और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स शेयरों में भी बड़ी कमजोरी दर्ज की गई
विशेषज्ञों का कहना है कि एआई टेक्नोलॉजी और वैश्विक प्रतिस्पर्धा को लेकर बढ़ती चिंताओं ने आईटी शेयरों पर अतिरिक्त दबाव बनाया।
कच्चे तेल और सोने की कीमतों में उछाल
वैश्विक तनाव के बीच ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमतें बढ़कर 107 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गईं। इसका असर भारतीय बाजार पर भी देखने को मिला।
24 कैरेट सोना 1.53 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम पहुंचा
चांदी 2.76 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंची
डॉलर के मुकाबले रुपया रिकॉर्ड निचले स्तर पर
मंगलवार को भारतीय रुपया डॉलर के मुकाबले गिरकर 95.63 के रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गया। विशेषज्ञों के मुताबिक कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें और विदेशी निवेशकों की बिकवाली रुपये पर दबाव बना रही है।
ट्रंप के बयान से बढ़ी वैश्विक चिंता
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान के शांति प्रस्ताव को खारिज किए जाने के बाद वैश्विक बाजारों में तनाव और बढ़ गया। इसके बाद निवेशकों ने जोखिम वाले बाजारों से दूरी बनानी शुरू कर दी, जिसका असर भारतीय शेयर बाजार पर भी पड़ा।
निवेशकों की नजर महंगाई के आंकड़ों पर
बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में निवेशकों की नजर घरेलू महंगाई दर और कच्चे तेल की कीमतों पर बनी रहेगी। पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ने की स्थिति में बाजार में और उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।