रायपुर। राजधानी रायपुर के अभनपुर में कांग्रेस का 10 दिवसीय जिला अध्यक्ष प्रशिक्षण शिविर समाप्त होने के साथ ही प्रदेश की राजनीति में नया सियासी विवाद शुरू हो गया है। कांग्रेस इसे संगठन निर्माण और सरकार के खिलाफ आक्रामक आंदोलन की तैयारी बता रही है, जबकि बीजेपी ने इसे "विष उगलने की तैयारी" करार देते हुए कांग्रेस की मंशा पर सवाल उठाए हैं।
10 दिन तक चला संगठन सृजन अभियान
अभनपुर में आयोजित इस आवासीय प्रशिक्षण शिविर में कांग्रेस के जिला अध्यक्षों को संगठन मजबूत करने, राजनीतिक रणनीति तैयार करने और जनसरोकारों से जुड़ने का प्रशिक्षण दिया गया। संगठन सृजन अभियान के तहत नेताओं ने मनरेगा मजदूरों, किसानों, कामगारों और सफाई कर्मियों के बीच जाकर श्रमदान भी किया। शिविर में कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने संगठन विस्तार, चुनावी रणनीति और जनआंदोलनों को लेकर मार्गदर्शन दिया।
दीपक बैज बोले- अब दिखेगा नया कांग्रेस मॉडल
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने दावा किया कि 10 दिनों के इस प्रशिक्षण का असर जल्द ही प्रदेश की राजनीति में दिखाई देगा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस अब पहले से ज्यादा संगठित और सरकार के खिलाफ आक्रामक भूमिका में नजर आएगी। बैज के मुताबिक प्रशिक्षण के दौरान संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने और जनता के मुद्दों पर संघर्ष तेज करने की रणनीति बनाई गई है।
बीजेपी का पलटवार, केदार कश्यप ने साधा निशाना
कांग्रेस के दावों पर बीजेपी ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। कैबिनेट मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि कांग्रेस नेताओं ने 10 दिन तक विषधर की तरह राजनीति की और अब अमृत की बात कर रहे हैं। उनका कहना है कि जहां जहर बोया गया हो, वहां से अमृत नहीं निकल सकता। बीजेपी ने दावा किया कि जनता पहले ही कांग्रेस की राजनीति को नकार चुकी है और इस तरह के प्रशिक्षण से उसकी स्थिति में कोई बदलाव नहीं आने वाला।
'अमृत बनाम विष' की बहस से गरमाई सियासत
कांग्रेस का कहना है कि प्रशिक्षण के बाद संगठन में बड़ा बदलाव दिखाई देगा और बीजेपी को इसका असर देखने के लिए इंतजार करना होगा। वहीं बीजेपी लगातार कांग्रेस की मंशा और रणनीति पर सवाल उठा रही है। ऐसे में अभनपुर का प्रशिक्षण शिविर अब संगठनात्मक कार्यक्रम से आगे बढ़कर "अमृत बनाम विष" की सियासी बहस का केंद्र बन गया है।