रायपुर। छत्तीसगढ़ में ग्रामीण विकास और रोजगार को नई दिशा देने के उद्देश्य से ‘विकसित भारत-जी राम जी’ योजना 2 जुलाई से लागू होने जा रही है। इस योजना के तहत ग्रामीण परिवारों को वर्ष में 125 दिनों के रोजगार की गारंटी दी जाएगी। यदि निर्धारित अवधि में रोजगार उपलब्ध नहीं कराया जाता है, तो पात्र हितग्राहियों को बेरोजगारी भत्ता भी मिलेगा।
318 प्रकार के विकास कार्य होंगे शामिल
योजना के तहत 318 प्रकार के विकास कार्यों को शामिल किया गया है। इनमें जल संरक्षण, सिंचाई सुविधाओं का विस्तार, ग्रामीण सड़कों का निर्माण, वृक्षारोपण, तालाब एवं जलाशयों का विकास तथा अन्य ग्रामीण अधोसंरचना से जुड़े कार्य प्रमुख रूप से किए जाएंगे। इससे गांवों में रोजगार के साथ-साथ स्थायी परिसंपत्तियों का भी निर्माण होगा।
डिजिटल जॉब कार्ड और तकनीक आधारित मॉनिटरिंग
योजना के प्रभावी संचालन के लिए डिजिटल जॉब कार्ड जारी किए जाएंगे। साथ ही तकनीक आधारित कार्य प्रबंधन और मॉनिटरिंग प्रणाली लागू की जाएगी, जिससे कार्यों में पारदर्शिता, समयबद्धता और जवाबदेही सुनिश्चित की जा सके।
बजट में 4 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान
राज्य सरकार ने छत्तीसगढ़ बजट 2026-27 में इस महत्वाकांक्षी योजना के लिए 4,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। सरकार का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ाने के साथ-साथ आधारभूत सुविधाओं का तेजी से विकास करना है।
तिरुपति से होगा राष्ट्रीय शुभारंभ
योजना का औपचारिक शुभारंभ 2 जुलाई को आंध्र प्रदेश के तिरुपति से केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान करेंगे। इस अवसर पर देशभर में विभिन्न राज्यों से कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा।
कबीरधाम में होगा राज्य स्तरीय कार्यक्रम
छत्तीसगढ़ में योजना का मुख्य कार्यक्रम कबीरधाम जिले के गंडईखुर्द में आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम में प्रदेश के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा शामिल होंगे और योजना की शुरुआत के साथ ग्रामीण विकास से जुड़े विभिन्न कार्यक्रमों का शुभारंभ करेंगे।
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगा नया बल
सरकार का दावा है कि इस योजना से ग्रामीण परिवारों की आय बढ़ेगी, स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर सृजित होंगे और जल संरक्षण, सड़क, सिंचाई तथा हरित विकास जैसे कार्यों को गति मिलेगी। डिजिटल व्यवस्था लागू होने से योजना के क्रियान्वयन में पारदर्शिता और कार्यों की गुणवत्ता में भी सुधार आने की उम्मीद है।