उज्जैन। मध्यप्रदेश की सियासत इन दिनों बयानबाजी के तीखे दौर से गुजर रही है, जहां सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच शब्दों की जंग लगातार गहराती जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव अपने जनसभाओं और बयानों में कांग्रेस नेतृत्व पर लगातार हमलावर हैं। उज्जैन जिले के महिदपुर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान भी सीएम ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और मध्यप्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी पर तीखा राजनीतिक प्रहार किया। जिसके बाद राजनीतिक माहौल और गरमा गया है।
सीएम डॉ. मोहन यादव का कांग्रेस पर हमला
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने संबोधन में कहा कि “वो पप्पू और पप्पू को चलाने वाले चप्पू सब एक लाइन में हैं..इसलिए कांग्रेस धीरे धीरे खत्म होती जा रही है।” उन्होंने कहा कि जिस दौर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पराक्रम का विजय रथ आगे बढ़ रहा है और पूरा देश विकास की दौड़ में आगे बढ़ रहा है, उसी समय कांग्रेस की स्थिति लगातार कमजोर होती जा रही है। सीएम ने आगे कहा कि “ऐसे में उन्होंने मध्यप्रदेश कांग्रेस की कमान नौसीखियों के हाथ में दे दी है, वे नौसीखिए अपनी गाड़ी आगे चलाने की बजाय पीछे ठोक रहे हैं।” उन्होंने यह भी कहा कि उनकी किसी से कोई व्यक्तिगत लड़ाई नहीं है, लेकिन सरकार किसानों और बहनों के सम्मान तथा विकास कार्यों के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध होकर काम कर रही है।
कांग्रेस का पलटवार
वहीं कांग्रेस ने मुख्यमंत्री के बयानों पर पलटवार करते हुए कहा कि भाजपा सरकार को यह जवाब देना चाहिए कि “ट्रिपल इंजन” की सरकार होने के बावजूद प्रदेश विकास के रास्ते पर क्यों पीछे जा रहा है। कांग्रेस ने महंगाई, बेरोजगारी और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए और सरकार पर जनता के मुद्दों से ध्यान भटकाने का आरोप लगाया।
पुराना विवाद और बयानबाजी का सिलसिला
दरअसल यह विवाद जीतू पटवारी द्वारा सीएम डॉ, मोहन यादव को मोहन लाल अभिनंदन यादव कहे जाने के तंज के जवाब में शुरू हुआ । जिसके बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी को दो कौड़ी का रद्दी अध्यक्ष,ढपोर शंख और टपोरी लाल तक कह चुके हैं।