भोपाल: मध्यप्रदेश में मानसून एक बार फिर जोर पकड़ रहा है। प्रदेश के कई हिस्सों में लगातार बारिश से नदी-नाले उफान पर हैं और निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन रही है। राजगढ़ में करीब 9 इंच बारिश रिकॉर्ड की गई है, जबकि भारी बारिश के चलते खरगोन में अपरवेदा बांध के दो गेट खोलने पड़े हैं। नर्मदापुरम में भी तवा डैम का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है।मौसम विभाग ने अगले पांच दिनों के लिए प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में भारी बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया है। खास तौर पर मालवा और निमाड़ क्षेत्र में अति भारी बारिश की संभावना जताई गई है।
राजगढ़ में 9 इंच बारिश, कई इलाकों में जलभराव
पिछले 24 घंटे में राजगढ़ जिले में सबसे ज्यादा बारिश दर्ज की गई है। यहां करीब 9 इंच पानी बरसा, जिसके बाद कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी।लगातार बारिश के कारण जिले के नदी-नाले भी सक्रिय हो गए हैं। प्रशासन और स्थानीय स्तर पर निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है।
खरगोन में अपरवेदा बांध के दो गेट खोले
खरगोन जिले में लगातार बारिश के कारण अपरवेदा बांध का जलस्तर बढ़ गया। स्थिति को देखते हुए बांध के दो गेट खोले गए हैं, ताकि अतिरिक्त पानी की सुरक्षित निकासी की जा सके।बांध के गेट खुलने के बाद आसपास के जलस्रोतों और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है।
नर्मदापुरम में तवा डैम का जलस्तर बढ़ा
नर्मदापुरम में भी लगातार बारिश का असर दिखाई दे रहा है। तवा डैम का जलस्तर बढ़ गया है। वहीं भोपाल रोड पर जाखा-बेतवा नदी का पानी बढ़ने से कुछ पुलों के डूबने की स्थिति बनी है।बारिश का सिलसिला जारी रहने पर नदी-नालों के जलस्तर में और बढ़ोतरी हो सकती है।
प्रदेश में अब भी सामान्य से 14% कम बारिश
भले ही प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश हो रही हो, लेकिन पूरे मानसून सीजन का आंकड़ा अभी भी सामान्य से कम है। मध्यप्रदेश में इस सीजन अब तक 14 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है।पूर्वी मध्यप्रदेश में बारिश सामान्य से करीब 18 प्रतिशत कम, जबकि पश्चिमी मध्यप्रदेश में करीब 10 प्रतिशत कम बारिश हुई है।
मालवा-निमाड़ में अति भारी बारिश का अलर्ट
मध्यप्रदेश के मध्य और इंदौर संभाग के कई जिलों में बादल छाए रहेंगे। अगले कुछ घंटों में मालवा और निमाड़ क्षेत्र में भारी से अति भारी बारिश होने की संभावना है।बारिश के साथ कई इलाकों में करीब 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं और गरज-चमक की स्थिति भी बन सकती है।
12 अगस्त तक इन जिलों में अति भारी बारिश
11 अगस्त सुबह 8:30 बजे से 12 अगस्त सुबह 8:30 बजे तक खंडवा, बड़वानी, धार और मंदसौर में कहीं-कहीं अति भारी बारिश की संभावना है।वहीं राजगढ़, बुरहानपुर, खरगोन, अलीराजपुर, झाबुआ, रतलाम, उज्जैन, आगर, नीमच, गुना और श्योपुरकलां में भारी बारिश और गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं।
12 से 13 अगस्त तक भी बारिश का दौर जारी
12 अगस्त सुबह से 13 अगस्त सुबह तक बड़वानी, झाबुआ, धार, इंदौर और रतलाम में भारी बारिश का अलर्ट है।इसके अलावा भोपाल, विदिशा, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, खंडवा, खरगोन, उज्जैन, देवास, शाजापुर, मंदसौर, नीमच, गुना, ग्वालियर, शिवपुरी समेत प्रदेश के अधिकांश जिलों में गरज-चमक और तेज हवाओं का असर देखने को मिल सकता है।
13 से 14 अगस्त तक इन इलाकों में भारी बारिश
13 अगस्त सुबह 8:30 बजे से 14 अगस्त सुबह तक शिवपुरी, श्योपुरकलां, सीधी, अनूपपुर, शहडोल और डिंडोरी में भारी बारिश की संभावना जताई गई है।इसके साथ ही प्रदेश के अधिकांश जिलों में गरज-चमक के साथ 40 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से हवाएं चलने का अनुमान है।
14 से 15 अगस्त तक भी कई जिले अलर्ट पर
14 अगस्त सुबह से 15 अगस्त सुबह तक अनूपपुर, शहडोल, डिंडोरी, कटनी और बालाघाट में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।भोपाल, इंदौर, नर्मदापुरम, खंडवा, खरगोन, धार, उज्जैन, रीवा, जबलपुर, सागर, छिंदवाड़ा, मंडला समेत कई जिलों में गरज-चमक और तेज हवाओं की संभावना रहेगी।
15 से 16 अगस्त तक इन जिलों में बारिश का अलर्ट
15 अगस्त सुबह 8:30 बजे से 16 अगस्त सुबह तक रायसेन, नर्मदापुरम, सिंगरौली, सीधी, अनूपपुर, शहडोल और उमरिया में भारी बारिश होने की संभावना है।इसके अलावा भोपाल, विदिशा, सीहोर, राजगढ़, बैतूल, हरदा, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, रीवा, सतना, कटनी, जबलपुर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला, बालाघाट, सागर समेत कई जिलों में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं।
नदी-नालों और बांधों पर बढ़ी निगरानी
भारी बारिश के बीच प्रदेश के कई नदी-नालों और जलाशयों का जलस्तर बढ़ रहा है। बांधों से पानी छोड़े जाने और नदियों के उफान को देखते हुए निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।मौसम विभाग के लगातार अलर्ट को देखते हुए प्रशासन भी संवेदनशील इलाकों पर नजर बनाए हुए है। लोगों से अपील है कि तेज बारिश के दौरान नदी, नाले और जलभराव वाले रास्तों को पार करने का जोखिम न लें।