गुवाहाटी: असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने स्वतंत्रता दिवस के मौके पर राज्य में बाल विवाह के खिलाफ एक बार फिर बड़े अभियान का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि 1 नवंबर से लगातार 30 दिनों तक पूरे राज्य में बाल विवाह के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने असम पुलिस को इस मामले में बिना किसी समझौते के कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीति को खत्म करना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। सरमा ने स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान सरकार की कई बड़ी योजनाओं और विकास कार्यों की भी घोषणा की। उनके भाषण में सामाजिक सुधार, इंफ्रास्ट्रक्चर, युवा विकास, भूमि सुधार, शिक्षा और खेल पर विशेष जोर रहा।
बाल विवाह के खिलाफ 1 नवंबर से 30 दिन का अभियान
मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने कहा कि असम ने पिछले कुछ वर्षों में बाल विवाह रोकने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। उन्होंने याद दिलाया कि वर्ष 2021 में उन्होंने तिरंगे के सामने असम से बाल विवाह खत्म करने का संकल्प लिया था। मुख्यमंत्री के मुताबिक, पिछले पांच वर्षों में राज्य में बाल विवाह से जुड़े 12,196 मामले दर्ज किए गए हैं। इन मामलों में 11,099 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने दावा किया कि लगातार कार्रवाई के कारण राज्य में बाल विवाह के मामलों में उल्लेखनीय कमी आई है। इसके साथ ही लड़कियों के कॉलेज और विश्वविद्यालयों में दाखिले में भी बढ़ोतरी देखने को मिली है। अब 1 नवंबर से अगले 30 दिनों तक पुलिस एक नए और सख्त अभियान के तहत कार्रवाई करेगी।
2026 से 2031 तक इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च होंगे 1.5 लाख करोड़
मुख्यमंत्री ने असम के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए अगले पांच वर्षों की बड़ी निवेश योजना का भी ऐलान किया। उन्होंने कहा कि 2026 से 2031 के बीच राज्य में इंफ्रास्ट्रक्चर विकास पर कुल 1.5 लाख करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। ‘विकसित असम 2047’ पहल के तहत राज्य सरकार अपने संसाधनों से 50 हजार करोड़ रुपये पूंजीगत कार्यों पर खर्च करेगी। इसमें सड़क, स्कूल, शहरीकरण और ग्रामीण विकास जैसे क्षेत्र शामिल होंगे। इसके अलावा केंद्र सरकार से करीब 1 लाख करोड़ रुपये का पूंजीगत निवेश लाने का लक्ष्य रखा गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बड़े पैमाने पर निवेश से राज्य के विकास को नई गति मिलेगी। सरकार का फोकस आधुनिक और मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करने पर रहेगा।
2 अक्टूबर से शुरू होगा मिशन सद्भावना 2
मुख्यमंत्री ने प्रशासनिक कामकाज को तेज करने के लिए मिशन सद्भावना 2 शुरू करने की घोषणा की। यह अभियान 2 अक्टूबर से शुरू किया जाएगा। इसके तहत राज्य सरकार के पास लंबित आवेदनों और फाइलों के निपटारे पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि इसका उद्देश्य लोगों को सरकारी सेवाएं और समस्याओं का समाधान तेजी से उपलब्ध कराना है। लंबित मामलों के कारण नागरिकों को होने वाली परेशानियों को कम करने की कोशिश की जाएगी। सरकार का दावा है कि इससे प्रशासनिक व्यवस्था और बेहतर होगी। मिशन के जरिए शासन में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने पर भी जोर दिया जाएगा।
युवाओं के लिए बनेगा अलग विभाग
हिमंत बिस्व सरमा ने युवाओं के विकास और सशक्तिकरण के लिए एक अलग विभाग बनाने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि राज्य में युवाओं के कल्याण, शिक्षा, अवसर और विकास से जुड़े मुद्दों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि वे युवा पीढ़ी को Gen Z या Gen Alpha जैसे नामों में बांटकर नहीं देखते। उनके लिए राज्य के युवा बेटे-बेटियों की तरह हैं और वही असम का भविष्य हैं। नए विभाग के जरिए युवाओं की जरूरतों और आकांक्षाओं पर केंद्रित नीतियां तैयार की जाएंगी। सरकार युवाओं को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने पर जोर देगी। इस पहल को राज्य में युवा सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
दिसंबर में लॉन्च होगा मिशन बसुंधरा 4.0
असम सरकार दिसंबर में मिशन बसुंधरा 4.0 शुरू करने की तैयारी कर रही है। मुख्यमंत्री ने भूमि और राजस्व से जुड़े सुधारों को लेकर भी कई अहम घोषणाएं कीं। उन्होंने बताया कि चिन्हित 40 राजस्व सर्किलों में जमीन की खरीद-बिक्री के लिए विशेष नियम लागू होंगे। घोषणा के अनुसार, संबंधित क्षेत्रों में केवल वे लोग जमीन खरीद और बेच सकेंगे जो वहां तीन पीढ़ियों से रह रहे हैं। सरकार का उद्देश्य भूमि से जुड़े अधिकारों और स्थानीय हितों की सुरक्षा पर ध्यान देना है। मिशन बसुंधरा के नए चरण में भूमि संबंधी मामलों के निपटारे को और आसान बनाने की कोशिश होगी। इससे राज्य में भूमि प्रशासन और राजस्व व्यवस्था में बदलाव आने की उम्मीद है।
कॉटन कॉलेज के लिए 100 करोड़ रुपये का ऐलान
मुख्यमंत्री ने कॉटन कॉलेज के 125 साल पूरे होने के अवसर पर 100 करोड़ रुपये के आवंटन की घोषणा की। यह राशि कॉलेज के विकास और अधूरे कार्यों को पूरा करने के लिए इस्तेमाल की जाएगी। कॉटन कॉलेज असम के प्रमुख और ऐतिहासिक शिक्षण संस्थानों में शामिल है। सरकार का उद्देश्य संस्थान के बुनियादी ढांचे और शैक्षणिक सुविधाओं को मजबूत करना है। 125 वर्ष पूरे होने के मौके पर कॉलेज को नई सुविधाओं से लैस करने की योजना है। मुख्यमंत्री की घोषणा को राज्य के उच्च शिक्षा क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इससे संस्थान के विकास कार्यों को गति मिलने की उम्मीद है।
बहुविवाह करने वाले सरकारी कर्मचारियों पर होगी वित्तीय कार्रवाई
सरमा ने सरकारी कर्मचारियों से जुड़े एक अहम फैसले की भी घोषणा की। उन्होंने कहा कि यदि कोई सरकारी कर्मचारी बहुविवाह में शामिल पाया जाता है तो उसके खिलाफ वित्तीय कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री के अनुसार, शिकायत मिलने और मामले की पुष्टि होने पर कर्मचारी की सैलरी का 20 प्रतिशत हिस्सा काटा जाएगा। यह राशि उसकी कानूनी पत्नी को देने का प्रावधान होगा। सरकार ने इस कदम के जरिए कर्मचारियों में जवाबदेही सुनिश्चित करने का संकेत दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी सेवा में रहते हुए नियमों और कानूनों का पालन करना जरूरी है। इस घोषणा को राज्य सरकार की सामाजिक और प्रशासनिक सुधार की नीति से जोड़कर देखा जा रहा है।
असम में बनेंगे 8 नए को-डिस्ट्रिक्ट
मुख्यमंत्री ने प्रशासन को लोगों के और करीब लाने के लिए राज्य में आठ नए को-डिस्ट्रिक्ट बनाने का भी ऐलान किया। नए प्रशासनिक क्षेत्रों के गठन से स्थानीय स्तर पर सरकारी सेवाओं की पहुंच बेहतर होने की उम्मीद है। सरकार का उद्देश्य प्रशासनिक कामकाज को अधिक प्रभावी और सुगम बनाना है। छोटे प्रशासनिक क्षेत्रों के जरिए लोगों को सरकारी योजनाओं और सेवाओं का लाभ आसानी से मिल सकेगा। मुख्यमंत्री ने अपने भाषण में असम के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक गौरव का भी उल्लेख किया। उन्होंने अहोम साम्राज्य के संस्थापक चाओलुंग सुकाफा की विरासत को याद किया। वर्ष 2028 में सुकाफा के असम आगमन के 800 वर्ष पूरे होने पर विशेष आयोजन किए जाएंगे।
खेल प्रतिभाओं की पहचान के लिए होगा खेल महारण
असम में खेल प्रतिभाओं की पहचान और उन्हें आगे बढ़ाने के लिए ‘खेल महारण’ आयोजित करने की घोषणा भी की गई। इसके जरिए राज्य के अलग-अलग हिस्सों से उभरती खेल प्रतिभाओं को सामने लाने का प्रयास किया जाएगा। ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में मौजूद खिलाड़ियों को भी अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलेगा। सरकार का उद्देश्य प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की पहचान कर उन्हें बेहतर प्रशिक्षण और मंच उपलब्ध कराना है। इससे राज्य में खेल संस्कृति को मजबूत करने में मदद मिलने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री ने युवाओं के विकास को खेल और अन्य क्षेत्रों में अवसरों से जोड़ने पर जोर दिया। ‘खेल महारण’ को इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है।
विकास और सामाजिक सुधार पर सरकार का फोकस
स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर दिए अपने भाषण में मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने असम के अगले कुछ वर्षों के विकास का रोडमैप सामने रखा। उन्होंने बाल विवाह के खिलाफ सख्त कार्रवाई से लेकर इंफ्रास्ट्रक्चर पर बड़े निवेश तक कई घोषणाएं कीं। इसके अलावा प्रशासनिक सुधार, युवा सशक्तिकरण, भूमि व्यवस्था, शिक्षा और खेल को भी प्राथमिकता देने की बात कही। सरकार ने 2047 तक विकसित असम के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए कई योजनाओं पर जोर दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के विकास के साथ सामाजिक सुधार भी जरूरी है। स्वतंत्रता दिवस के मौके पर की गई इन घोषणाओं से आने वाले वर्षों में असम सरकार की प्राथमिकताओं का संकेत मिलता है।