नई दिल्ली। केंद्र सरकार अगले महीने से टोल बैरियर मुक्त हाईवे की व्यवस्था शुरू करने जा रही है। इस नई ‘बैरियर फ्री’ टोलिंग प्रणाली में फास्टैग और नंबर प्लेट की स्कैनिंग बिना वाहन रोके की जाएगी, जिससे टोल प्लाजा पर वाहनों की कतार खत्म हो जाएगी और हाईवे सफर तेज़ होगा।
गुजरात से शुरू होगी बैरियर फ्री टोलिंग व्यवस्था
मई 2026 से गुजरात के सूरत स्थित चौर्यासी टोल प्लाजा से बैरियर फ्री टोलिंग की शुरुआत होगी। इसके बाद हरियाणा के एनएच-44 स्थित घरौंदा टोल प्लाजा पर भी यह व्यवस्था लागू होगी। अगले तीन वर्षों में देशभर के राष्ट्रीय राजमार्गों पर मल्टी लेन फ्री फ्लो टोलिंग प्रणाली लागू की जाएगी।
वाहनों की कतार नहीं लगेगी
केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय का उद्देश्य टोल प्लाजा पर वाहनों की कतार पूरी तरह समाप्त करना है। फास्टैग और डिजिटल भुगतान प्रणाली के माध्यम से अब नकद लेन-देन पूरी तरह बंद कर दिया गया है, जिससे समय की बचत होगी और हाईवे सफर तेज़ होगा।
बैरियर की जगह गेंट्री होगी
टोल बैरियर के स्थान पर गेंट्री लगाई जाएगी, जिसमें ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (ANPR) और RFID रीडर लगे होंगे। फास्टैग और व्हीकल रजिस्ट्रेशन नंबर (VRN) की स्कैनिंग बिना वाहन रोके या गति घटाए ही होगी। इससे टोल प्लाजा पर कहीं भी रुकावट नहीं होगी।
तकनीकी गड़बड़ी पर दोगुना टोल
यदि किसी फास्टैग में तकनीकी खराबी होगी या उसमें पर्याप्त बैलेंस नहीं होगा, तो उन वाहनों से दोगुना टोल वसूला जाएगा। यह नियम ई-चालान प्रणाली की तरह लागू किया जाएगा, ताकि सिस्टम की विश्वसनीयता और वित्तीय सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।