बिहार कांग्रेस में पार्टी विरोधी गतिविधियों और अनुशासनहीनता के आरोपों को लेकर बड़ा कदम उठाया गया है। 10 सितंबर 2026 को बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी की अनुशासन समिति ने कुल 29 नेताओं को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। नोटिस के बाद पार्टी के भीतर हलचल तेज हो गई है।
8 सितंबर के धरना-प्रदर्शन को लेकर कार्रवाई
बताया गया है कि यह कार्रवाई 8 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में AICC कार्यालय के समीप आयोजित धरना-प्रदर्शन में नेताओं की सक्रिय भागीदारी को लेकर की गई है। यह प्रदर्शन बिहार प्रदेश कांग्रेस नेतृत्व के विरोध में आयोजित किया गया था।
बिहार प्रदेश कांग्रेस अनुशासन समिति के अध्यक्ष कपिलदेव प्रसाद यादव की ओर से जारी नोटिस में कहा गया है कि संबंधित नेताओं की गतिविधियां पार्टी की नीति, अनुशासन और निर्देशों के विपरीत हैं। इसे गंभीर अनुशासनहीनता की श्रेणी में रखा गया है।
72 घंटे में देना होगा लिखित जवाब
कारण बताओ नोटिस पाने वाले सभी नेताओं को 72 घंटे के भीतर लिखित स्पष्टीकरण देना होगा। उन्हें यह बताने के लिए कहा गया है कि उनके खिलाफ पार्टी के नियमों के तहत अनुशासनात्मक कार्रवाई क्यों नहीं की जानी चाहिए।अनुशासन समिति ने नेताओं से निर्धारित समय सीमा के भीतर अपना पक्ष रखने को कहा है।
जवाब नहीं दिया तो हो सकती है एकतरफा कार्रवाई
पार्टी की अनुशासन समिति ने साफ किया है कि यदि तय समय में किसी नेता का स्पष्टीकरण नहीं मिलता है या दिया गया जवाब संतोषजनक नहीं पाया जाता है, तो उनके खिलाफ पार्टी नियमों के अनुसार एकतरफा अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है।इस चेतावनी के बाद नोटिस पाने वाले नेताओं के बीच राजनीतिक हलचल बढ़ गई है।
इन नेताओं को भी मिला नोटिस
कारण बताओ नोटिस पाने वाले 29 नेताओं में कई पूर्व पदाधिकारी और पूर्व विधायक शामिल हैं। इनमें:
पूर्व विधायक अनिल सिंह
पूर्व विधायक पूनम देवी
पश्चिमी चंपारण के पूर्व जिलाध्यक्ष भारत भूषण दुबे
औरंगाबाद के पूर्व जिलाध्यक्ष मृत्युंजय सिंह
मधेपुरा के पूर्व जिलाध्यक्ष सत्येंद्र यादव
सीवान के पूर्व जिलाध्यक्ष विधु शेखर पांडेय
समेत कुल 29 नेताओं से स्पष्टीकरण मांगा गया है।
पार्टी अनुशासन को लेकर कांग्रेस का सख्त रुख
बिहार कांग्रेस की अनुशासन समिति की इस कार्रवाई को पार्टी के भीतर अनुशासन बनाए रखने की दिशा में उठाए गए सख्त कदम के तौर पर देखा जा रहा है। अब सभी 29 नेताओं के जवाब और उसके बाद अनुशासन समिति की कार्रवाई पर नजर रहेगी।
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