रांची: झारखंड में स्वतंत्रता दिवस के मौके पर तिरंगा यात्रा को लेकर विवाद खड़ा हो गया। JPSC-JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ आंदोलन कर रहे JLKM नेता देवेंद्र नाथ महतो को रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में आयोजित तिरंगा यात्रा में शामिल होने से पुलिस ने कथित तौर पर रोक दिया। महतो फिलहाल सदर अस्पताल में भर्ती हैं और अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं।
अस्पताल से बाहर निकलने पर रोक
देवेंद्र नाथ महतो ने तिरंगा यात्रा और ध्वजारोहण कार्यक्रम में शामिल होने की इच्छा जताई थी। इसके बाद सदर अस्पताल में उनके कमरे के बाहर भारी पुलिस बल तैनात किया गया। जब उन्होंने अस्पताल से बाहर निकलने की कोशिश की तो पुलिसकर्मियों ने उन्हें रोक दिया। सामने आए वीडियो में पुलिस और महतो के बीच धक्का-मुक्की होती दिखाई दे रही है।
महतो ने लगाया चोट लगने का आरोप
महतो का आरोप है कि उन्हें और उनके साथ मौजूद लोगों को पुलिस ने धक्का देकर रोका। उन्होंने दावा किया कि इस दौरान उनके सीने में चोट लगी। महतो ने कहा कि वह कई दिनों से भूख हड़ताल पर हैं, इसके बावजूद अपने अधिकारों और जनता की आवाज के लिए आंदोलन जारी रखेंगे।
बोले- 'आखिर कैसी आजादी है?'
घटना के बाद देवेंद्र नाथ महतो ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि वह शांतिपूर्ण तरीके से तिरंगा यात्रा में शामिल होकर ध्वजारोहण करना चाहते थे। महतो ने सवाल किया कि अगर अपने ही देश में तिरंगा यात्रा में शामिल होने की आजादी नहीं है, तो फिर यह कैसी आजादी है।
JPSC-JSSC आंदोलन के बीच बढ़ा विवाद
देवेंद्र नाथ महतो JPSC और JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ चल रहे छात्र आंदोलन का प्रमुख चेहरा हैं। वह 2 अगस्त से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं। आंदोलन के दौरान तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया था। वहीं, जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम लंबे समय से चल रहे छात्र आंदोलन का प्रमुख केंद्र बना हुआ है।